नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। १५ जुलाई के बाद से कांवड़ यात्रा शुरू हो जाएगी। दिल्ली-मेरठ रोड पर लाखों की संख्या में शिवभक्त कांवडिय़ां गुजरते हैं, जिसमें अकेले गाजियाबाद के ही तीन लाख से अधिक कांवडिय़ां शामिल होते हैं। इसके अलावा नोएडा, दिल्ली, फरीदाबाद, पलवल, पंजाब, हरियाणा राज्यों से भी लाखों की संख्या में कांवडिय़ों का काफिला यहां से गुजरता है। कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तैयारियों में जुटे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी यात्रा को लेकर तैयारियों में लग गया है। कोविड काल के चलते दो साल बाद कांवड़ यात्रा शुरू होगी, ऐसे में कांवडिय़ों की संख्या और बढऩे की सम्भावना है। कांवडिय़ों को यात्रा के दौरान कोई समस्या न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रा मार्ग में सात स्थानों पर शिविर लगाए जाएंगे, हर कैंप में २४ घंटे मेडिकल टीम मौजूद रहेगी। इसके अलावा कांवड़ मार्ग में पडऩे वाले सभी सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में इलाज की पूरी व्यवस्था होगी, यह सभी अस्पताल २४ घंटे अलर्ट मोड में रहेंगे। १०२-१०८ एम्बुलेंस सेवा भी पूरी तरह से अलर्ट मोड में रखी जाएगी, जिससे आवश्यकता पडऩे पर तत्काल मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जा सके। एसीएमओ डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि हेल्थ शिविर मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी, राज चौपला, गंग नहर, मेरठ तिराहा, टीला मोड़ पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा दूधेश्वरनाथ मंदिर और जस्सीपुरा मोड़ पर भी एक-एक मेडिकल टीम तैनात रहेगी।