युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरूआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी हाईकमान बेहतर गंभीर है। लगातार संगठन को मजबूत करने के प्रयास करने के साथ-साथ कांग्रेसियों में जोश भरने का काम भी किया ज रहा है। इसी क्रम में कांग्रेस अब बेहतर कम्यूनिकेशन के सहारे विरोधी दलों खासकर भाजपा को जवाब देना चाहती है। ऐसे में कांग्रेस में प्रवक्ता का पद अब खास मायने रखेगा। शहर, जिला एवं मंडल स्तर पर कांग्रेस में तेज तर्रार प्रवक्ताओं की नियुक्ति की जएगी। इसके लिए बाकायदा पार्टी की ओर से हर जनपद में परीक्षा आयोजित की जाएगी। इम्तिहान और इंटरव्यू के बाद लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय से प्रवक्ता का नाम घोषित किया जाएगा।
दरअसल, कांग्रेस हाईकमान जान चुका है कि तेज तर्रार और राजनीति की अहम जानकारी रखने वाले व्यक्ति के जरिए ही अपनी बात सीधे तौर पर जनता तक पहुंचाई जा सकती है। साथ ही विरोधियों पर भी हमला बोला जा सकता है। बेहतर कम्यूनिकेशन के जरिए विधानसभा चुनाव में भी बेहतर परिणामों की उम्मीद की जा सकती है। कांगे्रस में इसके लिए कवायद भी शुरू हो चुकी है। विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी की आवाज बुलंद करने के लिए प्रवक्ताओं की नियुक्ति करने की रणनीति तैयार कर अमल में लाई जा रही है। इसके लिए बाकायदा कैंपेन चलाए जाने की योजना है। कैंपेन को ‘यूपी बने कांग्रेस की आवाज’ नाम दिया गया है। कैंपेन का मकसद हर जनपद में जिला और शहर स्तर पर एवं मंडल स्तर पर बेहतर एवं कुशल प्रवक्ताओं को तलाश करना है। इसकी शुरूआत आगरा मंडल से की जा चुकी है। आगरा में जिला, महानगर और मंडल स्तर पर प्रवक्ताओं की नियुक्ति के लिए बाकायदा परीक्षा आयोजित की गई है। परीक्षा में हिस्सा लेने वालों से वैकल्पिक प्रश्न पूछे गए और परीक्षा में हिस्सा लेने वालों के इंटरव्यू भी लिए गए। परीक्षा में कांग्रेस के इतिहास से संबंधित सवालों को जगह दी गई। साथ ही भाजपा एवं आरएसएस के गठन की मूल अवधरणाओं के बारे में भी सवाल किए गए। इसके अलावा भारत के संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर से संबंधित सवालों के भी परीक्षा में जगह दी गई। आगरा में हुई कांग्रेस के प्रवक्ता पद की परीक्षा के परिणाम अगले सप्ताह पार्टी के लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय से घोषित किए जाएंगे।
पीछे मुडक़र देखा जाए तो कुशल प्रवक्ताओं की कमी का खामियाजा हमेशा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को चुकाना पड़ा है। पार्टी कम्यूनिकेशन की कमी के कारण अपनी बात बेहतर तरीके से लोगों तक नहीं पहुंचा पाई है। यही कारण है कि बेहतर रणनीति होने के बावजूद भी चुनाव में दौरान इसका लाभ पार्टी को नहीं मिल पाता। इसी समस्या का समाधान तलाशने के लिए कांग्रेस में अब बाकायदा परीक्षा के जरिए प्रवक्ता की नियुक्ति की जाएगी। पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता प्रवक्ता पद की परीक्षा में हिस्सा ले सकेगा। जिलाध्यक्ष बिजेन्द्र यादव ने बताया कि अभी इस प्रकार की परीक्षा आगरा में आयोजित की गई है।