युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान छाए हुए हैं। पहले उनकी चर्चाएं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से नाराजगी को लेकर थी, अब वो कांग्रेस पार्टी के पोस्टर के चलते सुर्खियों में हैं। उनका एक पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, प्रयागराज में कांग्रेस नेता कांग्रेस नेता इरशाद उल्ला ने आजम खान को लेकर पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर के जरिए उन्होंने आजम खान को कांग्रेस में आने का प्रस्ताव दिया। पोस्टर में लिखा है ‘कांग्रेस में आइए, स्वागत है’। पोस्टर में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की तस्वीर भी मौजूद है।
हाल में ही सीतापुर जेल में आजम खान से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम मिले थे। एक घंटे की मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मुद्दों पर भी बातचीत हुई थी। इस पोस्टर में आचार्य प्रमोद कृष्णम की भी तस्वीर है। इसके साथ ही पोस्टर जारी करने वाले नेता इरशाद उल्ला और पूर्व प्रदेश प्रवक्ता बाबा अभय अवस्थी की भी तस्वीर पोस्टर में मौजूद है।
इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की अभी कोई प्रक्रिया नहीं आई है। कांग्रेस नेता इरशाद उल्ला पहले भी विवादित पोस्टर जारी करते रहे हैं। विवादित पोस्टर जारी करने पर उनके खिलाफ पार्टी की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो चुकी है।

कार्यकर्ता की भावना का सम्मान, शामिल होने पर कोई चर्चा नहीं: प्रमोद कृष्णम
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के राजनीतिक सलाहकार आचार्य प्रमोद कृष्णम का कहना है कि ऐसा पोस्टर जारी करके कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी भावना प्रदर्शित कर रहे हैं। इस भावना का सम्मान होना चाहिए। यह कोई गुनाह नहीं कर दिया। आचार्य ने बताया कि अभी हाल ही में वह जेल में आजम खां से मिलकर आये थे, उसके बाद उनके परिजनों से मुलाकात की और ईदी भी दी। यह मुलाकात प्रियंका गांधी की जानकारी में थी, उनका संदेश आजम खां को दिया गया और आजम खां का संदेश प्रियंका गांधी तक पहुंचा दिया गया। लेकिन इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि आजम खां से कांग्रेस में शामिल होने पर चर्चा हुई थी।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जब आजम खां कष्टï में थे तो समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी नहीं दिखाई दी। किसी भी व्यक्ति का यह नैतिक कर्तव्य है कि अगर एक भाई तकलीफ में हो तो दूसरे को उसकी सुध लेनी ही चाहिए। इसलिए ही मैं उनसे जेल में मुलाकात करने गया था। उन्होंने कहा कि आजम खां की रिहाई के बाद वह और कांग्रेस नेतृत्व खुद तय करेंगे कि उन्हें करना क्या है। बेशक आचार्य प्रमोद कृष्णम ये कहे कि आजम खां से कांग्रेस में आने की चर्चा नहीं हुई है, लेकिन सियासत संभावनाओं का खेल है। भविष्य में कुछ भी हो सकता है।