युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। कांग्रेस में शामिल होने के बाद लगातार हाशिए पर चले रहे कद्दावर नेता जलालुद्दीन सिद्दीकी आखिरकर साइकिल पर सवार हो गए। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने समाजवादी पार्टी ज्वाइन की। अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में उन्हें सपा में शामिल किया। जलालुद्दीन का साइकिल पर सवार होना विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अखिलेश यादव ने भी जलालुद्दीन सिद्दीकी को अपने पास बिठाकर पूरा सम्मान दिया।
दरअसल, जलालुद्दीन सिद्दीकी जनपद के कद्दावर नेता कहलाते हैं। मुस्लिम चेहरे के रूप में उनकी अपनी अलग ही पहचान बनी हुई है। सपा में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि वे पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर अखिलेश यादव के साथ आए हैं। बसपा में रहते हुए जलालुद्दीन सिद्दीकी तत्कालीन राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खास माने जाते थे। वे नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ ही कांग्रेस में आए थे। कांग्रेस में रहते हुए जलालुद्दीन सिद्दीकी खुद की पार्टी में सहज नहीं हो पा रहे थे। जनपद में उनके कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने महापौर का चुनाव मजबूती के साथ लड़ा था। पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें साहिबाबाद विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा था। विधानसभा चुनाव से पूर्व उनका कांग्रेस छोडऩा पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।