युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। अपनी मांगों को लेकर चार दिसंबर से चरणवार आंदोलन कर रहे डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन कल से पूर्ण हड़ताल करने जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में फार्मेसिस्ट की हड़ताल से मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, हालांकि अभी इमरजेंसी सेवाएं शुरू रहेंगी। लेकिन फार्मेसिस्टों ने चेतावनी दी है कि अगर पूर्ण हड़ताल के बाद भी उनकी मांगे नहीं मानी गई तो इमरजेंसी सेवाएं भी बाधित कर दी जाएंगी। सातवें दिन भी फार्मेसिस्टों की दो घंटे की कार्य बहिष्कार हड़ताल जारी रही। एमएमजी, जिला महिला और जिला संयुक्त अस्पताल के फार्मेसिस्ट सहित सीएचसी-पीएचसी के फार्मेसिस्ट हड़ताल में शामिल हुए। दो घंटे की हड़ताल से मरीज पहले से ही बेहाल हैं, ऐसे में कल से पूर्ण हड़ताल होने से सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। फार्मेसिस्ट वेतन विसंगति, वेतनमान, रिक्त पदों पर भर्ती सहित २० सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। पूर्ण हड़ताल होने से सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा जाएगी। जिसका सबसे अधिक खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ेगा और उन्हें दवाएं, इंजेक्शन तक उपलब्ध नहीं हो सकेंगे। आज की हड़ताल में एसोएिशन के मंत्री नरेन्द्र शर्मा, कोषाध्यक्ष संजय शर्मा, महिला अस्पताल से सीबी सिंह, जगदीश यादव, अजय त्यागी, सतीश आदि मौजूद रहे।