नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को गुजरात के केवडिय़ा में (राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने मोरबी ब्रिज हादसे पर दुख जताया। उन्होनें भावुक होते हुए कहा कि मेरा मन करुणा से भरा हुआ है।
गुजरात के केवडिय़ा में पीएम मोदी ने कहा कि मैं एकता नगर में हूं लेकिन मेरा मन मोरबी के पीडि़तों के साथ है। मैंने अपने जीवन में शायद ही कभी इस तरह के दर्द का अनुभव किया होगा। एक तरफ दर्द से भरा दिल है तो दूसरी तरफ है कर्तव्य का रास्ता है। साथ ही कहा कि हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करता हूं। दुख की इस घड़ी में सरकार हर तरह से शोक संतप्त परिवारों के साथ है। गुजरात सरकार कल से राहत और बचाव कार्य कर रही है। केंद्र भी राज्य सरकार को हरसंभव मदद कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अस्पताल में भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है, जहां घायलों का इलाज चल रहा है। लोगों को कम से कम परेशानी हो, यह सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी जा रही है।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल बीती रात मोरबी पहुंचे। वह कल से खोज और बचाव कार्यों की कमान संभाल रहे हैं। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अतीत की तरह ही भारत के उत्थान से परेशान होने वाली ताकतें आज भी मौजूद हैं। जातियों के नाम हमें लड़ाने के लिए तरह तरह के नरेटिव गढ़े जाते हैं। इतिहास को भी ऐसे पेश किया जाता हैं कि जिससे देश जुड़े नहीं और दूर हो जाएं।

 

छह महीने से बंद था पुल
नई दिल्ली गुजरात के मोरबी पुल हादसे में मृतकों की संख्या सोमवार सुबह २०० पहुंच गई। इनमें 25 बच्चे हैं। मृतकों में महिलाओं और बुजुर्गों की संख्या भी ज्यादा है। 170 लोग रेस्क्यू किए गए हैं। हादसा रविवार शाम 6.30 बजे तब हुआ, जब 765 फीट लंबा और महज 4.5 फीट चौड़ा केबल सस्पेंशन ब्रिज टूट गया। 143 साल पुराना पुल ब्रिटिश शासन काल में बनाया गया था।
यह पुल पिछले 6 महीने से बंद था। कुछ दिन पहले ही इसकी मरम्मत की गई थी। हादसे से 5 दिन पहले 25 अक्टूबर को यह ब्रिज आम लोगों के लिए खोला गया। रविवार को यहां भीड़ क्षमता से ज्यादा हो गई। हादसे की भी यही वजह बताई जा रही है। हादसे का 30 सेकंड का वीडियो भी सामने आया है। इसमें 15 सेकेंड के बाद पुल टूट गया और लोग मच्छू नदी में समा गए।