युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। निगम ने इस बार भी बरसात के दौरान जल भराव नहीं हो इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च किए। मेयर आशा शर्मा और नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का दावा था कि इस बार शहर जल भराव मुक्त होगा। मोटे खर्च के बाद भी शहर में जल भराव की स्थिति में सुधार तक नहीं हुआ। पहली बार हुआ कि नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर के आरडीसी स्थित कैंप ऑफिस में भी बरसात का पानी घुस गया। गांधीनगर, शास्त्रीनगर एच ब्लॉक, नेहरू नगर के कई इलाकों के अलावा रमतेराम रोड, गांधीनगर, पटेल नगर और नंदग्राम स्थिति शहर के कई इलाकों के कई सौ मकानों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों का करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया।
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने दावा किया था कि जून महीने में ही उन्होंने सभी शहर के नालों की सफाई का कार्य पूरा करा दिया था। निगम का यह भी दावा है कि शहर के सभी बड़े 690 नाले और छोटे करीब 1263 नालों की सफाई पुलिया तोड़कर भी कराई गई। ताकि जल भराव की समस्या को कम किया जा सके। निगम ने दावा किया था कि शहर में 73 ऐसे स्थान है जहां जल भराव की समस्या है। इनमें से तीन स्थानों को छोड़ शहर में सभी 70 स्थानों पर जल भराव की समस्याओं को दूर कर दिया गया। वैसे निर्माण और हेल्थ विभाग सूत्रों का दावा है कि नालों की सफाई करने से लेकर सभी करीब 70 स्थानों पर जल भराव की समस्याओं को दूर करने के लिए निगम ने करीब साढ़े 13 करोड़ रुपये की रकम खर्च की है। फिर भी शहर में जिस तरह से जल भराव होने से नाला तालाब बना है इससे नगर निगम के साथ साथ मेयर की भी किरकिरी हुई तो शहर को जल भराव मुक्त करने का दावा करती थी।