नोएडा (युगकरवट)। करोड़ों के काला धन तथा सोना चोरी करने के मामले में गिरफ्तार किए गए 6 बदमाशों से आज सुबह को आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने थाना सेक्टर-39 पहुंचकर गहन पूछताछ की। आयकर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर दीपक यादव अपनी टीम सहित शनिवार सुबह को थाना सेक्टर-39 पहुंचे। उन्होंने इस मामले में गिरफ्तार आरोपी राजन भाटी, अरुण उर्फ हैप्पी, जयसिंह, नीरज, बिन्टू शर्मा, अनिल आदि से गहनता से पूछताछ की। आयकर अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं, कि जिस फ्लैट में चोरी हुई थी, वह फ्लैट किसका है। यह काला धन व सोना किस व्यक्ति का है। आयकर विभाग के अधिकारियों को पूछताछ के दौरान कुछ महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हुई है। इस मामले का मुख्य आरोपी गोपाल अभी फरार है। पुलिस व आयकर विभाग के लोगों का मानना है कि गोपाल की गिरफ्तारी के बाद ही यह बात पूर्णतया उजागर होगी कि फ्लैट से कितना काला धन व सोना चोरी हुआ, और यह सारा माल किसका है। पुलिस व आयकर विभाग के अधिकारी इस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं।
मालूम हो कि ग्रेटर नोएडा स्थित सिल्वर सोसाइटी से वर्ष 2020 के सितंबर माह में चोरी हुए करोड़ का काला धन तथा सोना के मामले में थाना सेक्टर-39 पुलिस ने शुक्रवार को 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से करीब 14 किलो सोना तथा एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के कागजात व 57 लाख रुपए की नगदी बरामद की। पूछताछ के दौरान पुलिस को कई चैंकाने वाले तथ्य पता चला है। बताया जाता है कि जिस फ्लैट में चोरी हुई थी वहां पर 35 करोड़ से ज्यादा की नकदी व भारी मात्रा में सोना रखा था। इन चोरों ने करीब 7 करोड़ रुपए की नगदी व 40 किलो के आसपास सोना चोरी किया, उसके बाद अगली बार चोरी करने की नीयत से वहां गए मगर रखी नगदी व सोना छोड़कर चले आए। चोरों द्वारा छोड़ी गई नगदी तथा सोना उक्त फ्लैट की रखवाली करने वाला नौकर गोपाल व फ्लैट मालिक का कार चालक लेकर फरार हो गया है। इस मामले में फ्लैट के मालिक राम मणि पांडे तथा उसके बेटे कृष्लय पांडे ने अभीतक पुलिस से कोई शिकायत नहीं की है। बताया जाता है कि काला धन छुपाने के लिए प्रभावशाली व्यक्ति इस मामले की शिकायत करना नहीं चाह रहे हैं। पुलिस द्वारा गैंग की गिरफ्तारी की सूचना पाकर राममणि अपने बेटे सहित विदेश चला गया है। पुलिस ने आयकर विभाग को इतनी बड़ी बरामदगी की सूचना दी जिसके आधार पर आज सुबह आयकर विभाग की टीम थाना सेक्टर 39 पहुंची तथा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की।
पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) राजेश एस ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के सिल्वर सिटी सोसाइटी स्थित एक फ्लैट में करीब 10 माह पहले चोरी हुई थी। चोरों ने फ्लैट में रखे करीब 40 किलो सोना तथा 7 करोड रुपए से ज्यादा की नकदी चोरी की। इसके बाद चोर फ्लैट में रखी करोड़ों की नकदी व सोना छोड़ कर चले गए। बताया जाता है कि फ्लैट की काला धन के मालिक के चालक तथा गोपाल नामक अन्य चोर ने इस चोरी का फायदा उठाया, तथा फ्लैट में रखा करोड़ो का काला धन व सोना लेकर फरार हो गया।
उन्होंने बताया कि 10 माह पूर्व हुई इस चोरी में नोएडा और गाजियाबाद के रहने वाले चोर शामिल थे। चोरों ने धन व सोने का बंटवारा कर लिया। कुछ पैसे इन लोगों ने कोर्ट-कचहरी के लिए रख लिए थे। जब काफी दिनों तक इस मामले में कोई हलचल नहीं हुई तो रखे गए धन और सोना के बंटवारे को लेकर नोएडा तथा गाजियाबाद में रहने वाले चोरों के बीच आपस में विवाद हो गया। चोरों के बीच हुए विवाद के चलते सूचना पुलिस तक पहुंची तथा थाना सेक्टर 39 पुलिस ने शुक्रवार को इस मामले में कार्रवाई करते हुए 6 चोरों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए चोरों के नाम अरुण, राजन, जय सिंह, नीरज, अनिल तथा बिन्टु शर्मा है। इनके 4 साथी सिन्तल, पंकज, गोपाल व सन्नी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए बदमाशों के पास से 13 किलो सोना तथा एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के कागजात, 57 लाखों रुपए नगद मिला है। डीसीपी ने बताया कि कालेधन का कारोबारी ने गोपाल नामक एक व्यक्ति को अपने काले धन की सुरक्षा के लिए फ्लैट पर तैनात किया था। गोपाल के मन में लालच आ गया तथा उसने इस बात की सूचना अपने कुछ साथियों को दी। इसके बाद बिन्टू शर्मा, नीरज, जयसिंह, राजन, अरुण अनिल व गाजियाबाद के रहने वाले कुछ बदमाशों ने मिलकर इस चोरी को अंजाम देने की योजना बनाई, तथा 10 माह पूर्व घटना को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि चोरी की गई रकम तथा सोने को चोरों ने बराबर बराबर आपस में बांट लिया गया। कुछ सोना व नकदी एक जगह रखा थी। जिसके बंटवारे को लेकर गाजियाबाद के रहने वाले बदमाशो तथा नोएडा के सलारपुर में रहने वाले चोरों के बीच आपस में विवाद हुआ। इसके बाद यह मामला किसी तरह से पुलिस के मुखबिरो तक पहुंचा तथा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आज लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। डीसीपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि काला धन के मालिक राममणि पांडे तथा कृष्लय पांडे के खिलाफ दिल्ली व हरियाणा के कुछ जगहों पर भी मुकदमा दर्ज है। बताया जाता है कि पांडे पिता पुत्र का इंडिया बुल्स नामक फाइनेंस कंपनी से भी विवाद चल रहा है। पुलिस को शक है कि यह रकम व सोना कई बड़ी कंपनियों को ब्लैकमेल करके हासिल की गई थी।

काला धन चोरी के मुख्य आरोपी को भाजपा के एक जनप्रतिनिधि का मिला संरक्षण
ग्रेटर नोएडा के सिल्वर सिटी में हुए करोड़ों के काला धन व सोना चोरी के मामले में मुख्य आरोपी गोपाल को गाजियाबाद के एक भाजपा जनप्रतिनिधि का संरक्षण प्राप्त है। उक्त भाजपा जनप्रतिनिधि के संरक्षण के चलते पुलिस गोपाल को पकड़ नहीं पा रही है।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि ग्रेटर नोएडा से चोरी किए गए काला धन व सोना का उपयोग मुख्य आरोपी गोपाल ने जिला पंचायत चुनाव में अपने एक मनपसंद प्रधान प्रत्याशी को जिताने में खर्च किया है। सूत्रों का दावा है कि वह प्रधान तथा भाजपा जनप्रतिनिधि एक दूसरे के संपर्क में है। इस वजह से गोपाल की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। नोएडा तथा लोनी पुलिस गोपाल की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। लेकिन वह पुलिस की पकड़ से दूर है। सूत्रों का दावा है कि नोएडा पुलिस ने गोपाल की गिरफ्तारी के लिए उसके घर पर दबिश दी थी, लेकिन वह अंधेरे का फायदा उठाकर गन्ने के खेत में भाग गया।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि एक बदमाश अरुण, जो कि गोपाल का रिश्तेदार है उसने अपने घर में गड्ढा खोद लिया था। वह गड्ढे के अंदर दुबक गया तथा चादर ओढ़ कर उसने अपने ऊपर मिट्टी डलवा ली थी, ताकि पुलिस उसे पकड़ ना पाए। लेकिन दबिश देने गए एक दीवान की चौकस नजर उसके ऊपर पड़ गई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार चोरों का कहना है कि काला धन किसका है तथा मौके से वास्तव में कितने सोना व नकदी की चोरी हुई, इसकी पूरी जानकारी गोपाल के पास है। पुलिस व आयकर विभाग के अधिकारी अब गोपाल की सरगर्मी से तलाश कर रहे हैं। चर्चा है कि जो भाजपा जनप्रतिनिधि गोपाल को संरक्षण दे रहे हैं उनकी शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी की गई है।