युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। मेरठ रोड पर लगी स्ट्रीट लाइट की थर्ड पार्टी जांच शुरू हो गई है। हाल ही में नगर आयुक्त महेंद्र सिंह जंवर ने यह फैसला लिया है। आईआईटी रूड़की ने नगर निगम से जांच करने के लिए पांच लाख रुपये फीस की मांग की थी। निगम ने डिमंाड के हिसाब से आईआईटी रुड़की को भुगतान कर दिया है। जिन लाइट की जांच होने जा रही है उन्हें आरआरटीएस के पैसे से लगाया गया है। दरअसल मेरठ रोड तिराहे से दुहाई तक करीब नौ किलोमीटर लंबी सड़क पर नगर निगम ने पोल और स्ट्रीट लाइट लगाई थी। जब आरआरटीएस ने इस रोड को हाईस्पीड ट्रेन बनाने के लिए टेकओवर किया तब इन सभी पोल ओर लाइट को हटा दिया गया। बाद में आरआरटीएस ने लाइट और पोल लगाने के लिए निगम को करीब पांच करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया।