नई दिल्ली। करनाल प्रशासन द्वारा किसानों की लगभग सभी मांगों को माने जाने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। यह घोषणा किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूऩी ने प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने २८ अगस्त को करनाल के बस्ताड़ा टोल पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच की मांग स्वीकार कर ली है, साथ ही एसडीएम आयुष सिन्हा को लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया। न्यायिक जांच एक माह के भीतर पूरी होगी। साथ ही मृतक किसान सतीश काजल के दो परिजनों को एक सप्ताह के अंदर सरकारी नौकरी देने पर भी राजी हुए। इसके साथ ही किसानों ने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की।