युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। वार्ड-39 के तहत आने वाले राकेश मार्ग की गली नंबर तीन में बुधवार को हृदय विदारक घटना में करंट लगने से पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में तीन बच्चियां भी शामिल है। दरअसल, भारी बारिश के चलते पोल से घर तक जाने वाले तार से टीन शेड में करंट आने से सामान लेने आई एक बच्ची करंट की चपेट में आ गई। बच्ची ने दुकान के बाहर एक लोहे के खंभे को पकड़ा तो वह वहीं गिर गई। उसे गिरते देख आसपास के लोग उसे बचाने के लिए दौड़े। एक व्यक्ति उसे खंभे से निकालने की कोशिश करता है तो वह भी करंट की चपेट में आ जाता है। इसी तरह चार-पांच लोग एक के बाद एक बच्ची को बचाने के चक्कर में करंट की चपेट में आ जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोल से घर को जा रहे तार में कई जगहों पर कट लगा हुआ था। भारी बारिश के चलते तार लटक कर टीन शेड पर गिर गया, जिस कारण पूरे टीन शेड पर करंट दौड़ गया। जिस समय यह घटना हुई, उस समय हालांकि बारिश रुकी हुई थी। 9.48 मिनट पर बच्ची सामान लेने दुकान गई थी। पूरा हादसा पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है। वहीं इस हादसे के बाद गाजियाबाद के लोगों में गुस्सा और नाराजगी उफान पर है। लोगों का कहना है कि पहली नजर में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आ रही है।
घटना से सबक लिया जाना चाहिए: मेयर
मेयर आशा शर्मा ने कहा कि करंट लगने से पांच लोगों की मौत की घटना बेहद दर्दनाक है। इस घटना के लिए कोई न कोई तो जिम्मेदार है। इस घटना से सबक लेकर आगे ऐसी घटना न हो, इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा। मेयर ने कहा कि दुकानदार या बिजली विभाग-किसी की तो जिम्मेदारी बनती है। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी पूरी संवेदनाएं हैं। उनके जीवन को तो वापस नहीं लाया जा सकत ा मगर इस घटना से सबक जरूर लिया जा सकता है। मेयर ने कहा कि वे वायरल बुखार के कारण बीमार चल रही है। डॉक्टरों ने उन्हें बाहर निकलने से मना कर दिया है। हालांकि डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जल्द ही वह ठीक होकर पीडि़त परिवारों से मुलाकात करेंगी।
पहली नजर में बिजली विभाग की लापरवाही: अशु वर्मा
पूर्व मेयर अशु वर्मा ने पूरी घटना के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से दिल्ली और एनसीआर में भारी बारिश हो रही है। यूं तो हल्की बारिश में ही बिजली विभाग लाइन काट देता हैं लेकिन बुधवार को तेज बारिश के बाद भी लाइन क्यों नहीं काटी गई। अशु वर्मा ने कहा कि सभी मृतक बाहर के थे। प्रदेश सरकार ने सहायता राशि दी है, जिसके लिए योगी सरकार को साधुवाद। पूरी घटना की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
जांच में लीपापोती नहीं होनी चाहिए: सुरेश बंसल
पूर्व विधायक सुरेश बंसल ने भी बिजली विभाग की लापरवाही को मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उन्हें वापस तो लाया नहीं जा सकता लेकिन इस हादसे के लिए जिम्मेवार लोगों के खिलाफ कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए। सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है लेकिन रिपोर्ट में लीपापोती नहीं होनी चाहिए। सही तरह से जांच कर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पैसे से परिवार की मदद तो की जा सकती है लेकिन इस नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती है।
अत्यंत दुखद घटना: अतुल गर्ग
प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री और शहर विधायक अतुल गर्ग ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मृतकों के परिजनों के साथ उनकी संवेदनाएं है। घटना होती ही इसकी जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। मुख्यमंत्री ने तुरंत प्रशासन ने पूरे हादसे की रिपोर्ट तलब की है। प्रदेश सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की सहायता दी गई। साथ ही घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर करने के आदेश दिए गए है। अतुल गर्ग ने कहा कि डीएम की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनाई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, कार्रवाई होगी: संजीव शर्मा
भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि राकेश मार्ग पर हुई घटना बेहद ही दुर्भाग्यजनक है। घटना होते ही प्रदेश सरकार की ओर से जांच रिपोर्ट मंगा ली गई है। जांच की जा रही है। इस घटना में अपनों को खोने वालों के साथ पार्टी खड़ी हुई है। प्रशासन की ओर से जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना में मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता दे दी गई है। घटना पर प्रदेश सरकार की नजर बनी हुई है।
कम से कम दस लाख की आर्थिक सहायता हो: वीरेंद्र जाटव
बसपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र जाटव ने कहा कि पहली नजर में यह घटना लापरवाही का नतीजा है। यह लापरवाही किस स्तर पर हुई, यह जांच का विषय है। प्रशासन की ओर से जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दो लाख रुपए का मुआवजा काफी कम है। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, वे गरीब परिवार से हैं।
अभीतक जिम्मेदारी तय नहीं हुई है: टीटू
रालोद के राष्टï्रीय प्रवक्ता इंद्रजीत सिंह टीटू ने कहा कि इंसान तो लौट कर वापस नहीं आ पाएगा लकिन इतनी बड़ी घटना हो गई लेकिन अभी तक किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई। बारिश से शहर का बुरा हाल है। हर तरफ जलभराव है। इस बीच यह घटना हो गई। ऐसा लगता है कि शहर की रखवाली या देखरेख करने वाले सोए हुए हैं। जिसकी भी वजह से मासूमों की जान गई है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।