लोकसभा चुनाव २०२४
अभी तक ना चुनाव की घोषणा हुई है और ना ही उम्मीदवारों का ऐलान हुआ है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब उम्मीदवार की घोषणा से पहले मुख्य चुनाव कार्यालय खुल गया। ये काम भी भाजपा ने पहली बार करके सभी दलों के सामने एक नजीर पेश की है। दरअसल अब तक उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही चुनाव कार्यालय खुलते थे, उस पर उम्मीदवार का फोटो होता था लेकिन भाजपा हाईकमान ने इस बार पहले चुनाव कार्यालय खोलकर ये संदेश दिया है कि टिकट किसी भी व्यक्ति को मिले, कार्यकर्ता के लिए कमल का चुनाव चिन्ह ही उम्मीदवार है। ये संदेश अपने आप में बहुत बड़ा है। भले ही मौजूदा सांसदों ने पूरे प्रदेश में मौजूद रहकर संगठन के बड़े पदाधिकारियों के साथ मिलकर चुनाव कार्यालयों का उद्घाटन किया हो लेकिन ये जरूरी नहीं है कि उद्घाटन करने वाले को ही पार्टी टिकट दे। पार्टी ने साफ कहा है कि कमल का निशान ही उम्मीदवार होगा। दरअसल भाजपा और उसकी टीम नये-नये एक्सपेरिमेंट कर रही है और उसी का ये पार्ट है। अब जिन सांसदों ने सीना चौड़ा कर-करके 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव कार्यालयों के उद्घाटन समारोह में भाग लिया हो, हो सकता है उन्हें उम्मीदवार ही ना बनाया जाये। लेकिन कमल का निशान तो हमेशा ही रहेगा और ये ही संदेश कार्यकर्ताओं को दिया गया है कि आप किसी व्यक्ति का चुनाव ना समझे बल्कि ये कमल का फूल ही उनका उम्मीदवार है और इसी को जिताना है। तीसरी आंख ने देखा कि गाजियाबाद में भी उद्घाटन समारोह में कई ऐसे नेता मौजूद थे जो खुद टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। वैसे ये तय है कि जब किसी नेता का पूरा परिवार ऐसे कार्यक्रमों में मौजूद हो तो ये लगता है कि टिकट उन्हीं को मिलेगा क्योंकि परिवार तभी कमान संभालता है जब ऊपर से हरी झंडी होती है। जय हिंद