प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। निगम ने अब सेकिंडऱी कूड़ा ट्रांसपोर्ट भी अब प्राइवेट कंपनियों के हाथों में दे दिया। अब सवाल उठ रहा है कि नगर निगम की कूड़ा ढोने वाली करीब तीन सौ गाडिय़ों का क्या होगा। क्या वह सब कबाड़ बन जाएगी। इस सवाल का उत्तर खुद नगर निगम ने दिया है। नगर निगम का कहना है कि जिस जोन में सेकिंडऱी कूड़ा कलेक्शन के लिए जो गाड़ी पहले से कार्य कर रही है वह उस जोन का कार्य देखने वाली प्राइवेट कंपनी को दी जाएगी। नगर निगम इस गाड़ी को प्राइवेट कंपनी को देगी। कंपनी इस गाड़ी का इस्तेमाल करे। इस गाड़ी में डीजल, और ड्राइवर और उसके रखरखाव पर आने वाला खर्च पूरा प्राइवेट कंपनी का होगा। वसुंधरा जोन की बात करे तो इस जोन का सेकिंडऱी कूड़ा उठाने का कार्य पूरी तरह से प्राइवेट कंपनी के पास चला गया है। प्राइवेट कंपनी अब डलावघरों से कूड़ा उठाकर खत्ते में डालेगी। इन सब खत्तों में डाले जाने वाले कूड़े को ट्रांसपोर्ट करने में ही नगर निगम के वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बदले में नगर निगम कंपनी से कोई पैसा नहीं लेगा। निगम सूत्रों का कहना है कि वसुंधरा जोन में जो निगम की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी है वह 30 के आसपास है। इनमें से प्राइवेट कंपनी ने 23 गाड़ी नगर निगम से ली है। कंपनी ने अपनी जरूरत के हिसाब से गाड़ी टेकओवर की है। अब इन गांडिय़ों पर होने वाला तमाम खर्च प्राइवेट कंपनी उठाएगी। मगर यह प्रॉपर्टी नगर निगम की ही रहेगी। इसको लेकर कुछ सवाल खड़े हो रहे है। कुछ लोगों का कहना है कि प्राइवेट कंपनियों को निगम अपने फ्री में वाहन यूज करने के लिए क्यों दे रहा है।