युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। निकाय चुनाव से पहले ही विकास कार्यों को लेकर पार्षदों को बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल निगम प्रशासन की ओर से इस बार कई करोड़ रुपये के विकास कार्य कराने के लिए टेंडर मांगे गए है। इन टेंडरों के अपलोड होने से पहले ही बड़ा विवाद पैदा हो गया है। निगम अधिकारियों को डर है कि ठेकेदार इन टेंडरों का विरोध न कर दे। अधिकारियों से अधिक पार्षदों को इसका डर सता रहा है।
दरअसल जल्दी ही नगर निगम में मेयर और पार्षदों के चुनाव के लिए बिगुल बजने जा रहा है। इससे पहले पार्षदों की कोशिश है कि विकास कार्यों को और गति दी जाए। इसके लिए नगर निगम ने करीब एक सौ से अधिक विकास कार्यों के लिए टेंडर मांगे है। टेंडर अपलोड करने का आज अंतिम दिन है। मगर इससे पहले ही निगम के कई पार्षदों के होश उड़े हुए है। दरअसल लंबे समय से निगम में ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इन टेंडरों को लेकर कई ठेकेदारों ने इनका बहिष्कार करने की बात कहीं है। इसी को लेकर पार्षद परेशान है। पार्षद हिमांशु लव का कहना है कि अगर विकास कार्यों का ठेकेदार बहिष्कार करते है तो पार्षदों की परेशानी बढ़ेगी। विकास कार्य नहीं होंगे और चुनाव के दौरान इसका खामियाजा पार्षदों को भुगतना पड़ सकता है।