युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर के व्यवहार की बहुत चर्चा होती है। जिस पद पर वे तैनात हैं इस पर तैनात रहने वाला अफसर बहुत तनाव में रहता है। क्योंकि एक शहर की मिनी सरकार यानि नगर निगम के वो नगर आयुक्त हैं और यहां पर जनता और जनता द्वारा चुने गए पार्षदों के साथ-साथ जनसमस्याओं से भी रूबरू होना पड़ता है, लेकिन जब इस पद पर आसीन व्यक्ति गजलों और शेरों के माध्यम से लोगों के बीच अपना अंदाज दिखाता है तो हैरत में पडऩा स्वाभाविक है। जी हां कल आजादी के अमृत महोत्सव पर हिन्दी भवन में आयोजित कवि सम्मेलन के दौरान जब नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने शायरी के जरिए अपने नए अंदाज का परिचय कराया तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। उनके एक-एक शेर पर हिन्दी भवन में मौजूद हर व्यक्ति ने जहां वाहवाही की वहीं मंच पर आसीन राष्टï्रीय स्तर के कवियों ने भी उनकी हौंसला अफजाई की। मोहब्बत और प्यार से लबरेज शेरों ने खूब वाहवाही लूटी। उनका वो शेर
”तुम मेरा शहर छोड़ सकते हो
हमको छोड़ पाने में हिम्मत लगेगी।
तुम कैसे इतनी जल्दी किसी के हो सकते हो
हमको तो ऐसा सोच पाने में हिम्मत लगेगी।ÓÓ