विपिन चौधरी
गाजियाबाद (युग करवट)। कुछ दिन पूर्व मोहननगर के पास स्थित चाय बेचने वाली सीता देवी नामक महिला और उसके पति के साथ हुई मारपीट, अश्लील हरकत, लूट जान से मार देनी की धमकी के अभियोग में साहिबाबाद पुलिस ने पार्षद सुधीर कुमार को जेल भेज दिया था। परसों जेल भेजने के बाद भाजपा पार्षद न केवल आंदोलनरत हो गये थे बल्कि उन्होंने मेयर की अगुवाई में बैठक करके पुलिस कमिश्नरेट के खिलाफ मोर्चा भी खोल दिया था। परसों रात पार्षदों ने एडिशनल सीपी कल्पना सक्सेना से मिलकर उनके सामने पार्षद पर लगाई गई लूट जैसी धाराओं को हटाने, मोहननगर चौकी प्रभारी व एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई करने और पार्षद की पत्नी स्वाति की तहरीर पर वादिया व उसके पति आदि के खिलाफ एचसीएससी एक्ट मे मुकदमा कायम करने जैसी कई मांगें रखी थी। पार्षदों की बात ध्यानपूर्वक सुनकर एडिशनल सीपी कल्पना सक्सेना ने उक्त प्रकरण की जांच करवाने का आश्वासन देकर पार्षदों से दो दिन का समय मांगा था। लेकिन पार्षद कल फिर उग्र हो गये। जिसके बाद पार्षदों ने कल भी नगर निगम पहुंचकर मेयर से मुलाकत की। उसके बाद पार्षद सीधे एडिशनल सीपी के कार्यालय पर पहुंचकर एडिशनल सीपी पर अपनी मांगों के समर्थन में दवाब बनाने लगे। एडिशनल सीपी जब पार्षदों के दवाब में नहीं आई तो पार्षद हॉट टॉक पर उतर आये। उसके बाद वो सभी सीपी के आवास की और जाने लगे। पार्षदों को सीपी के कैंप कार्यालय पर जब पुलिस के द्वारा रोका गया तो वो अधिकारियों से उलझ गये। उसके बाद पार्षदों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हापुड़ रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस व पार्षदों के बीच दोपहर तीन बजे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। कभी पार्षद सीपी के पास जाने के लिये पुलिस अधिकारियों के साथ धक्का मुक्की करते उिन्दखाई दिये तो कभी पुलिस अधिकारी पार्षदों की घेराबंदी करके उन्हें रोकते हुए दिखाई दिये। इस बीच पार्षदों व अधिकारियों के बीच कभी हॉट-टॉक हुई तो कभी मान मनौव्वल होती दिखाई दिये। लेकिन बाद में पुलिस अधिकारी पार्षदों को सीपी के आवास पर जाने से रोकने में सफल हो गये। उसके बाद चार-पांच पार्षदों के प्रतिनिधिमण्डल व एडिशनल सीपी कल्पना सक्सेना के बीच वार्ता हुई। जिसमें यह तय हुआ कि उक्त प्रकरण की जांच कल तक पूरी कर ली जायेगी। जांच में पाये जाने वाले तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई करने का आश्वासन पाकर पार्षद अपने-अपने घरों को लौट गये।
अंदरूनी फूट के चलते पार्षदों का आंदोलन हो गया फुस्स
गाजियाबाद (युग करवट)। कई संगीन धाराओं के अभियोग में जेल भेजे गये पार्षद सुधीर कुमार के समर्थन में सडक़ पर उतकर पिछले तीन दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे पार्षदों का आंदोलन उनकी अंदरूनी फूट के चलते ना तो किसी मुकाम तक ही पहुंच पाया और ना ही वो पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों पर दवाब बनाने में सफल हो पाये। या यूं कहें कि संगीन अपराधिक मामले में लिप्त पार्षद सुधीर कुमार को बचाने के लिये पार्षदों द्वारा शुरू किया गया आंदोलन फूट की वजह से टांय टांय फिस्स हो गया।