युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। जब से गाजियाबाद जिले में आईएएस आरके सिंह ने डीएम का चार्ज संभाला है। उनकी कार्यशैली अधिकारियों ही नहीं बल्कि आम जनता में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। सुबह से लेकर दोपहर तक वह आमजन की सुनवाई करते हैं। लेकिन यह सुनवाई महज खानापूर्ति के लिए नहीं होती बल्कि वह उनका निस्तारण कराने का भी प्रयास करते हैं। यहां तक कि वह अपने कार्यालय के गेट भी खोलकर रखते हैं ताकि लोग सीधे आकर उनसे मिल सकें। सोमवार को भी जिला मुख्यालय में ऐसा ही एक वाकया हुआ है जिससे लोग अब यह कह रहे हैं कि डीएम हो तो ऐसा, जो ना सिर्फ जनता की सुन रहे हैं बल्कि उनकी मदद का हरसंभव प्रयास भी कर रहे हैं।
कल एक महिला डीएम से मिलने पहुंची थी। महिला का कोई इंश्योरेंस का मामला था। अपने कार्यालय से जाते समय डीएम ने जब महिला को खड़े देखा तो खुद उनके पास जाकर उनकी परेशानी पूछी, तो महिला ने बताया कि इंश्योरेंस कंपनी के द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है और उनकी समस्या का निस्तारण भी नहीं किया जा रहा है। अधिकतर अधिकारी लोगों की समस्या लेकर उन्हें संबंधित विभाग को प्रेषित कर देते हैं लेकिन डीएम आरके सिंह ने ना सिर्फ महिला की समस्या सुनी बल्कि तत्काल मौके पर ही इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारियों को तलब कर लिया। डीएम ने इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारियों से वार्ता कर तत्काल महिला की शिकायत का निस्तारण किया। इस दौरान एक बैंक द्वारा भी इस मामले में लापरवाही की शिकायत मिलने पर डीएम ने बैंक के अधिकारियों को भी तलब किया है। डीएम आरके सिंह की यह कार्यशैली आम जनता में खासा चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने ना सिर्फ खुद महिला से उसकी शिकायत जानी बल्कि पूरी गंभीरता से उसका निस्तारण भी कराया। इतना ही नहीं शिकायत निस्तारित होने तक उन्होंने कंपनी से इसका फीडबैक दिए जाने के भी निर्देश दिए हैं। ऐसे अफसर बहुत कम होते हैं जो आम जनता से सीधे मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं। अगर हर जिले में ऐसे अफसर हों तो लोगों को शिकायतों के लिए विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।