युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। राजनीति में कुछ भी हो सकता है। कल तक भाजपा को जीभर कर गरियाने वाले सुहेलदेव पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आज सुबह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि ओमप्रकाश राजभर फिर एनडीए में शामिल होंगे। रामभर आज सुबह भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के घर पहुंचे, कुछ देर बाद दोनों प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह से मिलने उनके आवास पहुंचे। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। ओमप्रकाश राजभर ने एक माह पहले मजलिस के अध्यक्ष असदुददीन ओवैसी से मुलाकात की थी। दोनों ने एक साथ विधानसभा चुनाव लडऩे की घोषणा की थी। अब स्वतंत्रदेव के साथ मुलाकात के बाद ओवैसी और राजभर का गठबंधन खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। कहा जा रहा है कि ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर से भाजपा गठबंधन में आ सकते हैं।
ओम प्रकाश राजभर भागीदारी संकल्प मोर्चा के संयोजकभी हैं। ओमप्रकाश राजभर और दयाशंकर सिंह मंगलवार सुबह चाय पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से मिलने उनके घर पहुंचे। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात खास थी। दयाशंकर सिंह चाहते हैं कि ओमप्रकाश राजभर वापस भाजपा में आ जाएं।
उन्होंने कहा कि वह एनडीए में फिर से जा सकते हैं लेकिन उनकी मांग है कि भाजपा किसी पिछड़े के बेटे को सीएम बनाने की घोषणा करे। हालांकि मुलाकात के बाद बाहर आए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी। उन्होंने कहा कि दयाशंकर सिंह उनके मित्र और बड़े भाई की तरह हैं। वह उनके साथ व्यक्तिगत काम के लिए स्वतंत्र देव सिंह से मिलने गए थे।
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि उन्होंने भाजपा का मंत्रीपद छोड़ा। वह भाजपा में होते तो सांसद बनकर दिल्ली तक गए होते लेकिन बीजेपी से उनकी लड़ाई कुछ मांगों को लेकर है। यह लड़ाई पिछड़ी जाति के जातिवाद जनगणना, सामाजिक न्याय समिति की 3 साल 4 महीने से पेंडिंग रिपोर्ट को लागू करने, एक सामान शिक्षा की व्यवस्था और 33 फीसदी महिलाओं को रिजर्वेशन लागू करने की मांग को लेकर है। इस मुलाकात को लेकर कांग्रेस ने सुहेलदेव समाज पार्टी के नेता पर हमला बोला है।
वहीं चर्चा यह है कि ओमप्रकाश राजभर ने दो दिन पहले अमित शाह से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में उनके एनडीए में शामिल होने की स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है। अब बस चंद दिनों की ही बात है कि ओमप्रकाश राजभर एनडीए में शामिल हो जाएंगे। करीब एक घंटे तक चली मुलाकात से यूपी की राजनीति में हलचल मच गई है।