नोएडा (युगकरवट)। ग्रेटर नोएडा के दनकौर कस्बे से अपने परिजनों से नाराज होकर डेढ़ वर्ष पूर्व घर छोड़कर गई एक किशोरी, कस्बा दादरी में किन्नरों के साथ छुपकर रह रही थी। पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत बुधवार को किशोरी को बरामद कर लिया है। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, लेकिन किशोरी ने परिजनों के साथ जाने से इनकार कर दिया। अपर पुलिस आयुक्त पुष्पांजलि देवी ने बताया कि कस्बा दनकौर में रहने वाली एक 15 वर्षीय किशोरी डेढ़ साल पहले घर से अचानक गायब हो गई थी। परिजनों ने किसी बात को लेकर उसके साथ मारपीट की थी। जिसके बाद वह घर से भाग गईं। किशोरी के परिजनों ने थाना दनकौर में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से पुलिस उसे तलाश कर रही थी। उन्होंने बताया कि गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए शुरू किए गए, ऑपरेशन मुस्कान के तहत दो दिन पहले पुलिस को किशोरी के दादरी में किन्नरों के समूह में रहने की सूचना मिली। अपर आयुक्त ने बताया कि पुलिस ने गीता नाम की किन्नर के घर से किशोरी को बरामद कर लिया है। किशोरी ने पुलिस को बताया कि, उसके परिजनों द्वारा की मारपीट से नाराज होकर वह घर से भागकर दादरी कस्बे में पहुंच गई थी। जहां उसे एक किन्नर मिली। वह उसे अपने साथ घर ले गई। तभी से वह उस किन्नर को दादी कहने लगी, और उसके घर ही रहने लगी। अब वह किन्नरों के साथ ही रहना चाहती है। उन्होंने बताया कि किशोरी को किन्नर के घर से बरामद कर न्यायालय में पेश किया गया अदालत ने किशोरी को परिजनों के सुपुर्द के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि किशोरी को किन्नर के घर से बरामद कर न्यायालय में पेश किया गया। किशोरी ने अदालत को बताया कि वह अपने परिजनों के साथ रहना नहीं चाह रही हैं। अदालत ने उसे गुमशुदा बच्चों के लिए बनाए गए आश्रय आशा ज्योति केंद्र में भेज दिया है।