युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। हाउस टैक्स के नए नोटिस में एक नई सुविधा दी गई है। हर नोटिस में अब प्रॉपर्टी का यूनिक कोड जनरेट मिलेगा। अभी तक इस कोड़ को अलग से निगम जनरेट करता था। मगर नए नोटिस में यूनिक कोड़ जनरेट होने से ऑन लाइन टैक्स जमा करना काफी आसान हो जाएगा।
अभी तक हाउस टैक्स के लिए नगर निगम ने कभी यूनिक कोड़ जनरेट नहीं किया था। इसी के चलते भवन स्वामी को ऑन लाइन टैक्स जमा करने में परेशानी होती थी। हालांकि बाद में पिछले वर्ष कुछ प्रॉपर्टी के निगम ने यूनिक कोड जनरेट किए। मगर उनकी आम आदमी को जानकारी नहीं थी। इस कारण उनका यूज नहीं हो सकता था। अब प्रॉपर्टी के नए टैक्स के नोटिस को नए सिरे से तैयार किया गया है। प्राइवेट सेक्टर की एक कंपनी ने जीआईएस सर्वे कर इन्हें तैयार किया है।
इन नोटिसों को लेकर भले ही कवर्ड एरिया और कारपेट एरिया के हिसाब से हाउस टैक्स लगाने का विवाद शुरू हो गया, हो मगर इन नोटिसों में कई खूबी भी है। कंपनी ने सर्वे करने के साथ हर प्रॉपर्टी का यूनिक कोड़ आईडी तैयार कर दिया है।
मुख्यकर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया कि नई प्रॉपर्टी में यूनिक आईडी कोड़ होने के कारण प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने में और आसानी होगी। इसके नहीं होने से प्रॉपर्टी की पहचान लिखने के लिए प्रॉपर्टी का नंबर लिखा जाता है। कई बार नंबर में गड़बड़ी हो जाती थी। मगर अब यूनिक कोड़ जनरेट होने से प्रॉपर्टी टैक्स ऑन लाइन जमा करना और आसान होगा।