प्रमुख अपराध संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। नन्दग्राम थाने के एसएचओ रमेश सिंह सिद्घू ने अपनी टीम के सहयोग से एक महिला के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा ४८ घंटे के अंदर कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने दीनदयालपुरी कॉलोनी में कत्ल की गई आशा देवी के हत्यारे कथित पति नईम को भी गिरफ्तार करके आला कत्ल कुल्हाड़ी बरामद कर ली। इस संदर्भ में सीओ सैकेंड ऑलोक दुबे ने बताया कि १७ सितंबर को दीनदयालपुरी कॉलोनी की गली नंबर ६ मकान संख्या ६३० निवासी विपिन शर्मा के मकान में किराये पर रहने वाली ३२ वर्षीय विवाहिता आशा देवी पत्नी ओमप्रकाश निवासी सिद्घगढ़ी थाना छतारी बुलंदशहर की किसी ने उसके कमरे में ही धारदार हथियार से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। उक्त वारदात की सूचना मिलते ही एसएचओ नन्दग्राम रमेश सिंह सिद्घू ने अपनी टीम के साथ मिलकर उक्त मर्डर के खुलासे के प्रयास शुरू कर दिये थे। श्रीमती दुबे ने बताया कि एसएचओं को उस समय सफलता मिली जब उन्हें पता चला कि इस हत्या के पीछे करोला-करोली संभल निवासी नईम का हाथ है। इसका पता चलते ही पुलिस ने आशा देवी के हत्यारे नईम को गिरफ्तार करने में देर नहीं लगाई। आशा देवी का मर्डर नईम ने क्यों किया, जब इस बारे में श्रीमती दुबे से पूछा गया तो उनका कहना था कि प्रेम में धोखा खाने और प्रेमिका व कथित पत्नी द्वारा विश्वासघात करने पर नईम अपना आपा खो बैठा।
जिसके चलते उसने कुल्हाड़ी से काटकर आशा को मौत के घाट उतार दिया। पूछताछ के दौरान नईम ने बताया कि एक-सवा साल पहले वह मोदीनगर में जूस की दुकान करता था। उसी समय अपने पति से अलग रहने वाली आशा देवी से उसकी मुलाकात हुई और फिर उनमें प्रेम हो गया। इसके बाद वह आशा देवी के साथ दीनदयालपुरी में किराये का मकान लेकर लिव इन में रहने लगा। किराये से लेकर उसके प्रसाधनों यानि मेकअप के सामान के अलावा उसकी हर ख्वाहिश को पूरी करने के लिये पैसा पानी की तरह बहाने लगा। कुछ समय पूर्व वह और अधिक पैसा कमाने के लिये नईम मेरठ चला गया और उसने बालैनी में जूस की दुकान खोल ली। लेकिन, कुछ समय पहले आशा देवी ने कई और मर्दों से संपर्क बना लिये। वारदात से एक दो दिन पहले नईम ने जब आशा देवी को कॉल की, पहले तो किसी अन्य व्यक्ति ने कॉल रिसीव की और उसे बुरा-भला कहा। इसके बाद फोन बिजी पर लगा दिया। इससे नईम पूरी तरह डिप्रेशन में चला गया और उसकी हत्या कर दी।