गाजियाबाद। तीनों कृषि बिल वापस लिए जाने की मांग को लेकर दिल्ली के बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन को एक साल पूरा होने पर किसानों ने महापंचायत की। सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने जीत का जश्न मनाया और वॉलंटियर्स ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया। दिल्ली की सीमा में हो रहे आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान लगातार स्थल पर पहुंच रहे हैं।
इस दौरान गाजीपुर बॉर्डर पर आयोजित महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि पहले सरकार एमएसपी पर बात करे और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस ले।
महापंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि सिर्फ तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा से कुछ नहीं होगा। सत्र में तीनों कानून वापस लिए जाएं और सरकार एमएसपी पर कानून बनाने की गारंटी दे। राकेश टिकैत ने एक बार फिर दोहराया कि किसानों की मांग सिर्फ तीनों कानून वापस लेने की नहीं थी बल्कि किसानों की अन्य समस्याएं हैं जिससे वह जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों से टेबल पर आकर वार्ता नहीं करती और एमएसपी पर कानून नहीं बनाती, तब तक किसान वापसी नहीं करेगा और आंदोलन स्थल पर डटा रहेगा। वहीं किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि सरकार ने हमारी छह में से एक मांग मानी है। जब तक हमारी सभी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन के पहले दिन से एमएसपी, इलेक्ट्रिसिटी बिल की वापसी की मांग हम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक कल होगी जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। यूपी गेट पर किसानों की महापंचायत में गाजीपुर बॉर्डर संघर्ष समिति के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने आंदोलन को एक साल पूरा होने पर इससे जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होंगी, वह हटने वाले नहीं हैं। इस दौरान महापंचायत में प्रिया तोमर और सुरेेंद्र सिंह ने किसान आंदोलन के संघर्ष की रागिनी भी प्रस्तुत की। वहीं महापंचायत में पश्चिमी यूपी के अलावा उत्तराखंड के भी किसान बड़ी संख्या में गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे। महापंचायत में आज किसानों की संख्या एकदम से बढ़ गई। महापंचायत के दौरान वक्ताओं ने आंदोलन को एक साल पूरे होने के दिनों के संघर्ष के बारे में जानकारी दी और कहा कि किसानों को कमजोर समझने की भूल सरकार ना करे और नाहीं किसान खोखली घोषणाओं में आने वाला है। वहीं किसानों की महापंचायत को देखते हुए एक बार फिर दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेट्स लगा दिए। यहां तक कि जिस रोड से पूर्व में बेरिकेट्स हटाई गई थी, वहां फिर से बेरिकेट्स लगा दिए गए। किसान आंदोलन की महापंचायत को देखते हुए दिल्ली और यूपी पुलिस के सैंकड़ों जवान तैनात किए गए। महापंचायत को देखते हुए डीएम आरके सिंह और एसएसपी पवन कुमार ने गाजीपुर बॉर्डर का निरीक्षण किया और उसके बाद कौशांबी थाने में दिन भर कैंप किया। इसके अलावा बॉर्डर पर एडीएम सिटी विपिन कुमार, एसडीएम सदर विनय कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।