प्रमुख अपराध संवाददाता
लखनऊ/गाजियाबाद (युग करवट)। पता नहीं कब किसके साथ क्या घट जाये और कल तक रहा राजा रंक बन जाये इसका गुमान किसी को नहीं होता है और ना ही होना चाहिये। कुछ यही बात लंबे समय तक मेरठ जोन के एडीजी रहे राजीव सबरवाल पर उस समय सटीक बैठती हुई दिखाई दी जब सरकार के एक आदेश ने न केवल उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया बल्कि आईपीएस लॉबी के सामने सरकार के खास होने का दंभ भरने वाले श्री सबरवाल की पोस्टिंग एडीजी डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अकादमी मुरादाबाद के पद पर कर दी गई। शासन के द्वारा जारी की गई सीनियर आईपीएस अधिकारियों की गश्ती में मेरठ जोन के एडीजी की कुर्सी एडीजी उत्तर प्रदेश भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ के पद पर तैनात१९९४ बैच के आईपीएस ध्रुवकांत ठाकुर को मिली। इसकेअलावा कुछ ऐसा ही हाल पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त रहे डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार का भी रहा। जी हां, यहां यह बात इसलिये कही जा रही है कि क्योंकि सरकार के द्वारा आधा दर्जन से अधिक सीनियर आईपीएस के किये गये तबादले के दौरान श्री स्वर्णकार को सीपी के पद से हटाकर उन्हें एपीटीसी सीतापुर का एडीजी बना दिया। इस बदलाव के दौरान एडीजी पीएसी डॉ. केएस प्रताप कुमार को एडीजी गोरखपुर जोन, एडीजी गोरखपुर जोन अखिल कुमार को पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर, एडीजी एपीसीटी सीतापुर सुजीत पाण्डेय को अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी और पुलिस मुख्यालय से सम्बद्घ चल रहे एडीजी अशोक कुमार सिंह को अपर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ बनाया है। सूत्रों के अनुसार अभी कुछ और आईपीएस के तबादले हो सकते हैं।