युग करवट संवाददाता
नोएडा (युग करवट)। नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के क्राइम ब्रांच के द्वारा एटीएम हैकर को पकडऩे के बाद, उनसे 20 लाख रुपये और एक क्रेटा कार रिश्वत मे लेकर उनको छोडऩे के मामले कि जांच में यह बात संज्ञान में आई है कि क्राइम ब्रांच के लोगों ने इस तरह की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस उपायुक्त अपराध द्वारा जांच रिपोर्ट पुलिस के आला अधिकारियों को सौंपी गई है। इस मामले में जल्द ही पुलिसकर्मियों पर गाज गिरना तय है।
चर्चा है कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस कर्मियों की बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जाएगी। इस मामले में गाजियाबाद की इंदिरापुरम थाना पुलिस की पकड़ में आने पर इन हैकर ने यह खुलासा किया है। इस मामले में गाजियाबाद पुलिस द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के बाद डीजीपी ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
अपर पुलिस उपायुक्त लव कुमार ने बताया कि इंदिरापुरम थाना पुलिस ने एटीएम हैकर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके द्वारा गाजियाबाद में क्रेटा कार से एक घटना को अंजाम दिया गया था। जब पुलिस ने हैकर गिरोह से इस क्रेटा कार के संबंध में पूछा तो उन्होंने बताया कि यह क्रेटा कार नोएडा पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम के पास है।
इस पर हुई पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्हें करीब तीन माह पहले क्राइम ब्रांच नोएडा की टीम ने पकड़ा था और उस दौरान उनके पास 10 लाख रुपये नकद थे। जिसे टीम ने जब्त कर लिया उसके बाद उनसे 10 लाख रुपये और लेने के लिए एक टीम उनके घर गई थी। टीम वहां से 10 लाख रुपये और क्रेटा कार लेकर आ गई थी। इस पर इंदिरापुरम थाना पुलिस ने हैकर को उनके घर ले जाकर वहां से एसओजी कर्मियों द्वारा के्रटा कार ले जाने की सीसीटीवी फुटेज भी बरामद कर ली। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच पुलिस उपायुक्त (अपराध) अभिषेक को सौंपी गई है। उनके अनुसार प्रथम दृष्टï्या जांच में आरोप सही पाए गए हैं।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले की जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों की मानें तो नोएडा पुलिस ने एटीएम हैकर को छोडऩे के लिए पहले 50 लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में 20 लाख रुपये देने पर सहमति बनी। हैकर जब क्राइम ब्रांच टीम को अपने घर रुपये देने के लिए लेकर गए तो वहां पर एक नई क्रेटा कार खड़ी थी। क्राइम ब्रांच वालों ने कहा कि यह कार भी तुमने ठगी के रुपये से खरीदी है। वे कार को भी वह अपने साथ लेकर चले गए। इस मामले के खुलासे के बाद से पुलिस महकमे में हडक़ंप मचा हुआ है।
लखनऊ से लेकर नोएडा, गाजियाबाद तथा मेरठ तक के पुलिस अधिकारियों के बीच यह मामला चर्चा में है। मेरठ के भी कुछ वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की जांच में जुटे हैं। पुलिस विभाग में चर्चा है कि इस मामले में जनपद बागपत के क्राइम ब्रांच में तैनात कांस्टेबल अब्दुल की भी हम भूमिका है उसी ने मेवाती गैंग के लोगों तथा नोएडा क्राइम ब्रांच टीम के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाई थी।