गाजियाबाद (युग करवट)। लखनऊ में १० से १२ फरवरी को होने वाली इनवेस्टर्स समिट २०२३ में गाजियाबाद जिले के निवेशकों का भी योगदान काफी बड़े स्तर पर होगा। गाजियाबाद से होने वाले निवेश की भागीदारी कुल यूपी के निवेश में २२.५ फीसदी है। इसको लेकर गाजियाबाद में जिला प्रशासन पूरी तैयारियों में जुटा हुआ है। एक प्रेसवार्ता में डीएम आरके सिंह ने जिले में हो रहे निवेश को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि लक्ष्य एक लाख करोड़ तक निवेश करने का है। अभी प्रदेश स्तर समिट होने में समय है और पोर्टल खुला हुआ है। अभी तक निवेशकों ने ८९.३१० हजार करोड़ रुपए के निवेश की सहमति दी है जिसमें से 2615 निवेशकों के 69,323 करोड़ रुपये की प्रोजेक्ट के एमओयू भी हो चुके हैं। २५ जनवरी को कौशांबी के रेडिसन ब्लू होटल में जनपद स्तरीय इन्वेस्र्ट समिट आयोजित की जा रही है जिसमें निवेशकों को अन्य पॉलिसी की जानकारी दी जाएगी। डीएम ने बताया कि अब तक २६८८ निवशेकों ने ८९ हजार करोड़ रुपए का निवेश करने की सहमति जताई है।
इस निवेश में छोटे-बड़े उद्योग, टाउनशिप, ग्रुप हाउसिंग, अस्पताल, इंजीनियरिंग व प्रबंधन शिक्षा संस्थान आदि खुलेंगे जिससे पांच लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। डीएम ने बताया कि 2615 निवेशकों के 69323 करोड़ रुपये की प्रोजेक्ट के एमओयू भी हो चुके हैं। इसमें सर्वाधिक 1877 इंटेंट एमएसएमई सेक्टर से प्राप्त हुए हैं जिसमें अब तक 10,177 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसमें बड़ा निवेशक इन्फोटेक टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड का होगा। डीएम ने बताया कि इस समिट में गाजियाबाद में स्थापित प्रतिष्ठित वृहद इकाइयों को नए निवेश के लिए आमंत्रित किया गया है। लगभग 350 बड़े निवेशकों को जनपद की पीएस यूज कंपनियों को भी इस कार्यक्रम में बुलाया गया है। इसके अलावा एमएसएमई, पर्यटन विभाग, वैकल्पिक ऊर्जा विभाग, हथकरधा विभाग व अन्य विभाग भी जनपद में निवेश करेगा। साथ ही औद्योगिक इकाइयों के उत्पाद, बैंक, रियल स्टेट, रोडवेज, एनएचएआई का अपनी परियोजनाओं के संबंधित स्टॉल कार्यक्रम में लगाएंगे। डीएम ने बताया कि २५ जनवरी को होने वाले कार्यक्रम में प्रदेश द्वारा घोषित सेक्टर बार नीतियों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा जिसमें एमएसएमई पालिसी, इंजस्ट्रीयल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एवं एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी, वेयरहाउस पॉलिसी, टूरिजम्म पालिसी के साथ ही आरआरटीएस, एनएचएआई, उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवाहन निगम इत्यादि की परियोजनाओं के बारे में भी बताया जाएगा। इसके अलावा लैंडयूज और मास्टर प्लान २०३१ के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
इस निवेश में छोटे-बड़े उद्योग, टाउनशिप, ग्रुप हाउसिंग, अस्पताल, इंजीनियरिंग व प्रबंधन शिक्षा संस्थान आदि खुलेंगे जिससे पांच लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। डीएम ने बताया कि 2615 निवेशकों के 69323 करोड़ रुपये की प्रोजेक्ट के एमओयू भी हो चुके हैं। इसमें सर्वाधिक 1877 इंटेंट एमएसएमई सेक्टर से प्राप्त हुए हैं जिसमें अब तक 10,177 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसमें बड़ा निवेशक इन्फोटेक टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड का होगा। डीएम ने बताया कि इस समिट में गाजियाबाद में स्थापित प्रतिष्ठित वृहद इकाइयों को नए निवेश के लिए आमंत्रित किया गया है। लगभग 350 बड़े निवेशकों को जनपद की पीएस यूज कंपनियों को भी इस कार्यक्रम में बुलाया गया है। इसके अलावा एमएसएमई, पर्यटन विभाग, वैकल्पिक ऊर्जा विभाग, हथकरधा विभाग व अन्य विभाग भी जनपद में निवेश करेगा। साथ ही औद्योगिक इकाइयों के उत्पाद, बैंक, रियल स्टेट, रोडवेज, एनएचएआई का अपनी परियोजनाओं के संबंधित स्टॉल कार्यक्रम में लगाएंगे। डीएम ने बताया कि २५ जनवरी को होने वाले कार्यक्रम में प्रदेश द्वारा घोषित सेक्टर बार नीतियों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा जिसमें एमएसएमई पालिसी, इंजस्ट्रीयल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एवं एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी, वेयरहाउस पॉलिसी, टूरिजम्म पालिसी के साथ ही आरआरटीएस, एनएचएआई, उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवाहन निगम इत्यादि की परियोजनाओं के बारे में भी बताया जाएगा। इसके अलावा लैंडयूज और मास्टर प्लान २०३१ के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।