प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। नगर निगम कार्यकारिणी की आज हुई बैठक में कई मसलों पर जमकर हंगामा हुआ। हालांकि बैठक में पूरक बजट सहित 4 प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई। कार्यकारिणी की बैठक ११ बजे से शुरू हुई। बैठक में जैसे ही बजट को पढऩे का काम शुरू हुआ विवाद भी शुरू हो गया। एक पार्षद ने कहा कि जब किसी पार्षद के कहने से कोई विकास कार्य नहीं होगा। सफाई व्यवस्था नहीं होगी तो फिर इस सदन में केवल पार्षद बजट पास करने के लिए नहीं है। इसको लेकर खूब हंगामा हुआ। इसके बाद उन्होंने बिना कार्यकारिणी और बोर्ड की सहमति के एलिवेटेड रोड को टेकओवर करने का मामला उठाया। इस पर नगर आयुक्त डॉ नितिन गौड़ ने कहा की पूर्व नगर आयुक्त ने यह अपने स्तर से फैसला लिया है। अब इसके लिए हम डीएम को पत्र लिखेंगे और दोबारा से इस प्रस्ताव को कार्यकारिणी और बोर्ड में पास करा जाएगा। नगर आयुक्त ने कहा कि जहां कूड़ा नहीं उठ रहा है उन वार्ड में जांच कराकर रिपोर्ट में को भेजी जाएगी। 2 दिन में जांच पूरी कर ली जाएगी।
इस दौरान दिवाली पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगने का मामला और नगर निगम द्वारा बोर्ड की बैठक में वादे के अनुरूप 225 विकास के टेंडर खोलकर विकास कार्य नहीं कराने का मामला भी उठाया गया। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट की नई खरीद नहीं होने, लाइट लगने के बाद तुरंत खराब होने का भी मामला उठाया गया। पार्षद राजकुमार नागर ने बोर्ड बैठक में पास हुए जीआईएसएस के नोटिस नहीं भेजने के प्रस्ताव के बाद नोटिस भेजने और लोगों को परेशान करने का मामला उठाया। इस पर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि नोटिस नहीं भेजे जा रहे हैं केवल डिमांड नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बैक डेट में पत्रावलीओ पर साइन करने के मामले में एक अधिकारी का नाम लिया। मगर उन्होंने कोई ठोस सबूत नगर निगम कार्यकारिणी में पेश नहीं किया। हालांकि नगर आयुक्त ने कहा कि अगर ऐसा कोई मामला है तो वह उसकी जांच कराने को तैयार हैं।
इस दौरान प्रतिबंधित कुत्ते के पालने को लेकर बायलॉज बनाने का फैसला भी लिया गया। नगर निगम कार्यकारिणी की यह पहली बैठक है जो1 घंटे के अंदर ही समाप्त भी हो गई। कार्यकारिणी ने नगर निगम के स्कूलों में आउट सोर्स शिक्षकों का वेतन बढ़ाकर 14 हजार करने के प्रस्ताव को पास कर दिया है। सदन में पूरक बजट पेश-नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में आज चालू वित्त वर्ष का पूरक बजट पेश किया गया। पूरक बजट में वर्ष 2021-22 के वास्तविक आंकड़े पेश किए गए। इसके अलावा सितंबर 2022 तक नगर निगम की आय और व्यय का लेखा जोखा भी पेश किया गया। वित्त वर्ष 2022 और 23 के लिए पूरक बजट का डेटा भी नगर निगम कार्यकारिणी में निगम प्रशासन की ओर से पेश किया गया। वास्तविक आंकड़ों की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रारंभिक अवशेष 380.96 करोड़ रुपये बताया गया। प्रारंभिक अवशेष दिखाते हुए कुल वास्तविक आय 1064.26 करोड़ रुपये दर्शाया गया और व्यय 611.29 करोड़ रुपये दर्शाया गया। इस तरह से शेष यानी बचत 452 करोड़, 97 लाख रूपये दर्शाई गई। सितंबर तक का बजटीय डेटा भी जारी किया गया जिसमें प्रारंभिक अवशेष के अलावा वास्तविक इनकम 299 करोड़ 24 लाख रुपये दर्शाई गई है। कुल आय 752 करोड़ 22 लाख रुपये दर्शाई गई है। जबकि व्यय 363 करोड़ 43 लाख दिखाई गई है। सितंबर तक नगर निगम के पास रिजर्व पैसा 388 करोड 77 लाख रुपये दिखाया गया है। पूरक बजट के हिसाब से रिवर्ज में नगर निगम ने अपने पास 452 करोड़ 97 लाख रुपये दर्शाया है। इसमें आय 948 करोड़ 48 करोड़ रुपये दर्शाया गया है। कुल मिलाकर 1401 करोड़ 14 लाख रुपये दशाई गई है। इसमें से व्यय 1344 करोड़ 47 लाख दिखाई गई है। इस तरह से अवशेष अनुमानित रकम 569 करोड़ 88 लाख रुपये दर्शाए गए है। इसके अलावा भी कई प्रस्ताव नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में पेश किए गए है। स्टोर अनुरक्षण, शहरी गरीब क्षेत्र पार्क के अंदर प्रकाश की व्यवस्था, आउट सोर्सिंग पर काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर्स के वेतन आदि चार प्रस्ताव भी सदन में पेश किए गए है। बैठक की अध्यक्षता मेयर आशा शर्मा ने की। बैठक में कई सदस्यों और नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ आदि अधिकारियों ने हिस्सा लिया।