युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। मोदीनगर में दस वर्षीय छात्र अनुराग का सिर लोहे के खंबे से टकराने के बाद उसकी मौत के मामले मेंं प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। इस प्रकरण में गाजियाबाद के दो एआरटीओ तथा आरआइ को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही इस प्रकरण की जांच का भी आदेश दिया गया है। प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह ने गाजियाबाद के एआरटीओ सतीश कुमार और विश्वप्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है। साथ ही आरआई प्रेम सिंह को भी निलंबित किया गया है। इस घटना का संज्ञान लेकर गुरुवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवहन विभाग के प्रजेंटेशन के दौरान कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रदेश सरकार की इस कार्रवाई के बाद से ही आरटीओ में सन्नाटा छा गया है। विभाग में कोई भी इस विषय पर बोलने के लिए तैयार नहीं है। बता दें कि गाजियाबाद आरटीओ पर लापरवाही के पहले भी कई आरोप लग चुके हैं। जब भी कोई घटना होती है, आरटीओ सक्रिय हो जाता है। बाद में कुछ दिन बाद फिर से वही ढाक के तीन पात वाली बात लागू हो जाती है। गाजियाबाद की सडक़ों पर दौड़ती बसों की जांच को लेकर आरटीओ की ओर से लापरवाही बरती जा रही थी। स्कूली बसों की कहीं कोई चेंकिंग नहीं होती थी। स्कूली बसों की ओर से सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन नहीं हो रही थी। मोदीनगर की घटना के बाद अचानक आरटीओ हरकत में आया और आनन-फानन में स्कूली वाहनों की जांच शुरू कर दी । इसे लेकर विभाग में एक दूसरे पर जिम्मेदारी देने का खेल चल पड़ा है।