नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश बेसिक हेल्थ वक्र्स एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय पर उपवास कर धरना दिया। संघ के अध्यक्ष गोविंद सिंह रौतेला ने बताया कि हम अपनी मांगों लेकर लगातार पत्र लिख रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य पर्यवेक्षक की पदोन्नति स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के पद पर किए जाने की सेवा नियमावली बनाई गई थी, लेकिन अभी तक भी इस सेवा नियमावली का पालन नहीं किया गया है। इतना ही नहीं प्रशिक्षण अवधि एक वर्ष के स्थान पर दो वर्ष किए जाने का निर्णय २२ मई २०१८ को लिया गया था, लेकिन आज भी स्थिति जस की तस है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता को ३० नवंबर २०११ तक ग्रेड वेतन २८००, वर्ष २०११ से ग्रेड वेतन २००० व स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को गे्रड वेतन २८०० विभाग द्वारा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि एक पद पर दो वेतन और दो पदों पर एक वेतन देना मानकों के विपरीत है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के ७५०० पदों पर नियुक्ति की जाए। संगठन का चुनाव विधिवत हुआ है बावजूद इसके पदाधिकारियों के सचिवालय आने-जाने के लिए प्रवेशपत्र जारी नहीं किया गया है। इस दौरान प्रवीण शर्मा, मयंक कुलश्रेष्ठ, विनीत अग्रवाल,शिव सागर शुक्ला आदि मौजूद रहे।