प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग कवरट)। निगम द्वारा अपनी 1702 दुकानों का किराया बढ़ाए जाने का विरोध शुरू हो गया है। महानगर उद्योग व्यापार मंड़ल ने इस मामले में अब नगर निगम और मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंड़ल ने घोषणा की कि 24 जून से दुकानों का किराया बेताहाशा बढ़ाए जाने के खिलाफ घंटाघर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा के पास व्यापारियों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा। उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष गोपीचंद्र ने इसकी घोषणा की। उनका कहना है कि सात जून को निगम बोर्ड की बैठक में एक प्रस्ताव कर निगम ने अपनी 1702 दुकानों का किराया बढ़ा दिया है। यह किराया जब से दुकान आवंटित हुई है तब से 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष के हिसाब से बढ़ाया जाएगा। साथ ही नामांत्रण शुल्क बढ़ाकर करीब तीन लाख रुपये कर दिया। यह निगम का व्यापारियों के साथ कुठाराघात है। इसके विरोध में ही 24 जून से निगम के खिलाफ घंटाघर पर व्यापारियों का अनिश्चित कालीन धरना होगा। धरना शुक्रवार से सुबह 11 बजे से दो बजे तक रहेगा।
मंड़ल के महामंत्री अशोक चावला का कहना है कि किराया बढ़ाने से पहले हमने मेयर आशा शर्मा, सभी पार्षदों, सभी बीजेपी के अन्य जनप्रतिनिधियों से सहयोग मांगा। मगर व्यापारियों की कुछ चुनिंदा पार्षदों को छोड़ मदद नहीं की। मेयर आशा शर्मा ने भी हमे आश्वास्त किया था कि व्यापारियों के साथ जादती नहीं होने दी जाएगी। मगर उन्होंने व्यापारियों की कोई मदद नहीं की। जिस हिसाब से दुकानों का किराया बढ़ाया गया उस हिसाब से किराया जीएसटी सहित 40 से 50 हजार रुपये प्रति महीने बैठेगा। मंदी के दौर में व्यापारी इतना किराया नहीं दे सकता है। इसी के चलते मंड़ल ने आंदोलन का निर्णय लिया है। उन्होंने चेताया कि जल्दी ही निगम के चुनाव है। इसलिए सर्किल रेट के हिसाब से हाउस टैक्स नहीं बढ़ाया गया है।
चुनाव होते ही हाउस टैक्स भी सर्किल रेट के हिसाब से बढऩे की उन्होंने आशंका जताई। व्यापारी नेता राजदेव त्यागी ने कहा कि जिस तरह से नगर निगम बोर्ड की बैठक में एक दम से इतना किराया बढ़ाया गया। उससे लगता है कि मेयर व्यापारियों के खिलाफ है। दुख है कि व्यापारियों की सुविधा बढ़ाने के बजाय निगम ने व्यापारियों को संकट में डालने का फैसला लिया जिसका व्यापारी वर्ग विरोध करेगा। राकेश स्वामी ने कहा कि गोलमार्केट में 1950-52 में दुकानों का आवंटन किया गया था। निगम ने दो रुपये प्रतिवर्ग फुट के हिसाब से दुकानों का नामांत्रण करने का फैसला लिया था। जो अब बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया जो सीधा व्यापारियों का उत्पीडऩ है।
जयचंद कौन है-प्रेसवार्ता में कई बार जयचंदों का भी जिक्र हुआ। इस पर महानगर उद्योग व्यापार मंड़ल के अध्यक्ष गोपीचंद ने कहा कि आंदोलन को सफल बनाया जाएगा। और जयचंदों की एक नहीं चलने दी जाएगी। उनका कहना है कि अभी घोषणा के हिसाब से धरना जारी रहेगा। इसके बाद मंड़ल अगली रणनीति बनाएगा।