नोएडा (युग करवट)। नोएडा में बने कफसिरप पीने से उज़्बेकिस्तान में 18 बच्चों की हुई मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय और उत्तर प्रदेश की औषधि विभाग की टीम ने आज दवा बनाने वाली कंपनी के सेक्टर-67 स्थित ठिकाने पर एक साथ छापेमारी की। वहां से एजेंसियों ने सैंपल के रूप में दवा ली है। उसे जांच के लिए लैब भेजा गया है। जनपद गौतम बुद्ध नगर के जिला औषधि निरीक्षक वैभव बब्बर ने बताया कि नोएडा के सेक्टर 67 के बी- ब्लॉक में मैरियन बायोटेक नाम से एक फर्म है। यहां पर बनी कफ सिरप ज़्बेकिस्तान भेजी गई थी। वहां पर कुछ बच्चे बीमार हुए जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया, तथा भारत में बनी इस कफ सिरप को पीने के लिए उन्हें दिया गया। बाद में 18 बच्चों की मौत हो गई। उज़्बेकिस्तान सरकार ने आरोप लगाया है कि भारत में बनी दवा पीने से उनके यहां रहने वाले 18 बच्चों की मौत हुई है। भारत सरकार ने इस आरोप को ध्यान में रखते हुए एक रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने बताया कि उज़्बेकिस्तान सरकार की सूचना के आधार पर केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया तथा केंद्रीय ड्रग्स विभाग और उत्तर प्रदेश औषधि विभाग ने कंपनी पर एक साथ छापेमारी की, तथा वहां से दवा को सैंपल के रूप में भरा।
उन्होंने बताया कि दवा मई 2001 में बनी थी, जिसकी एक्सपायरी डेट वर्ष 2024 है। इस दवा को उज्बेकिस्तान भेजा गया था। जांच में पता चला है कि कंपनी को विदेश में दवा भेजने की अनुमति प्राप्त है। यह अनुमति केंद्र सरकार से प्राप्त है।