नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। आयकर विभाग की इंटलीजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन शाखा द्वारा ई-वेरीफिकेशन को लेकर सेमीनार का आयोजन किया गया। सेमीनार की मुख्य वक्ता इंटेलीजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन की डायरेक्टर शुमाना सेन ने बार टैक्स एसोसिएशन चार्टेट एकाउंटेंस व वकीलों को ई-वेरीफिकेशन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी वित्तीय लेन-देन का विवरण पूर्ण रूप से नहीं दर्शाया है। ऐसे विवरणों की पहचान कर ई-सत्यापन योजना के तहत नोटिस जारी कर स्पष्टïीकरण मांगा जाएगा। इस योजना के तहत कर दाता को ऐसे बेमेल अथवा छूटे हुए वित्तीय विवरण को समावेशित करते हुए देयकर का भुगतान करने का अवसर भी दिया जाएगा।
डायरेक्टर शुमाना सेन ने बताया यदि कर दाताओं ने ई-वेरीफिकेशन द्वारा स्पष्टïीकरण नहीं दिया तो साक्ष्यों के अभाव में उसके खिलाफ सिक्योरिटी एसेसमेंट की कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी वसूला जाएगा। इस योजना के तहत गाजियाबाद जोन के भी करीब एक हजार करदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके जरिए किसी भी प्रकार करदाताओं के लिए मुश्किलें खड़ी नहीं होगी। करदाता समय से अपना विवरण देकर इस कार्रवाई से बच सकता है।
इस दौरान अधिवक्ताओं व सीए ने कुछ बिन्दुओं को उठाया जिसका समाधान डायरेक्टर ने किया। इस मौके पर आयकर अधिकारी मनीष कुमार, आयकर निरीक्षक अंशुल गौड़, विपिन कुमार, अभिनय प्रकाश, नीरज त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।