युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। शुक्रवार को देश भर में ईद उल फितर का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते पर्व पर वह रौनक दिखाई नहीं देगी। लेकिन लोग घरों में ईद का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारी में जुटे हुए हैं। लॉकडाउन के चलते शहर के बाज़ार बंद हैं। हालांकि, कैला भट्टा में आवश्यक वस्तुओं के साथ ही चूड़ी और अन्य बाज़ार खोला गया लेकिन पुलिस ने निर्धारित समय सुबह ११ बजे, बाज़ार की दुकानों को बंद कर दिया व दुकानदारों को भी हिदायत दी कि वह आवश्यक सेवाओं के अलावा अन्य दुकानें ना खोलें। हालांकि, लॉकडाउन के कारण चूड़ी बाज़ार जहां पूरी तरह से ठप हो गया वहीं महेंदी लगाने वाले कारीगर भी खासे निराश हैं।
बता दें कि ईद पर्व पर खाने-पीने की वस्तुओं के अलावा बड़े पैमाने पर चूड़ी, कपड़े और अन्य सामानों की खरीददारी मुस्लिम समाज के लोग करते हैं। तो वहीं महिलाओं में बड़े स्तर पर नई ड्रेसस के अलावा चूड़ी और महेंदी लगवाने का क्रेज़ खूब दिखाई देता है। ईद पर्व को लेकर चूड़ी बाज़ार से लेकर अन्य बाज़ार जहां देर रात गुलजार रहते हैं वहीं महेंदी कारीगर भी देर रात तक महेंदी लगाने के काम में जुटे रहते हैं। लेकिन पर्व पर इस बार बाज़ारों में ऐसी कोई रौनक देखने को नहीं मिली। लॉकडाउन के कारण सिर्फ किराना, दवा, फल-सब्जी और दूध की दुकानों को ही खोलने की अनुमति है, उसमें भी सिर्फ दवा की दुकानें पूरा दिन खोली जा सकती हैं और अन्य बाज़ार सुबह ११ बजे तक ही खोले जाते हैं। हर साल तुराबनगर, गोल मार्केट सहित शहर के अन्य बाज़ारों में सुबह से ही खासी रौनक दिखाई देती थी मगर इस बार वहां सिर्फ सन्नाटा पसरा हुआ है। सुबह के समय कैला भट्टा में दुकानदारों ने ईद पर्व की खरीददारी के लिए दुकानें खोली थीं ताकि लोग पर्व मनाने के लिए जरूरत का सामान ले सकें।