गाजियाबाद (युग करवट)। भाजपा के वरिष्ठ नेता और समरकूल ग्रुप के चेयरमैन संजीव गुप्ता ने मकर सक्रांति पर्व की शुभकमानाएं देते हुए कहा कि यदि हमें अपने सनातनी अस्तित्व को बचाए रखना है तो हमें अपनी संस्कृति अलग हटकर नहीं चलना चाहिए। संजीव गुप्ता ने कहा कि नई पीढ़ी को भी अपने तीज त्यौहार के महत्व को समझाते हुए उनके हाथ से ही पूरे विधि विधान से त्योहारों की रस्में संपन्न करानी चाहिएं जिससे पाश्चात्य संस्कृति के बहाव में हमारी नई पीढ़ी अपनी जड़ों से दूर ना हो सके। उन्होंने बताया किउनकी धर्मपत्नी परिवार के सभी सदस्यों के साथ मिलकर धार्मिक रस्मों रिवाज के साथ पर्व मनाती हैं और अगली पीढ़ी को उनके महत्व से भी अवगत कराती हैं। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से तीर्थ करने जैसा फल ही प्राप्त होता है, इसलिए मकर सक्रांति को स्नान और दान का पर्व भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि सूर्य को तिल अध्र्य और जल तर्पण करना चाहिए ऐसा करने से हमारे पित्रों को भी प्रसन्नता होती है। इस दिन खिचड़ी खाने का भी बहुत महत्व है। ज्योतिष की दृष्टि से देखें तो इस दिन सूर्य धनु राशि को छोडक़र मकर राशि में प्रवेश करता है। सूर्य के उत्तरायण की गति प्रारंभ होती है तथा उत्तरायण में प्रवेश के स्वागत में ही मकर सक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है।