युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। ओबीसी आरक्षण को लेकर दायर याचिकाओं पर आज अवकाश होने के बाद भी स्पेशल सुनवाई शुरु हुई। दो घंटे तक अदालत ने याचिका कर्ताओं की बात को पूरी तरह से सुना। हर पहलू पर गंभीरता से सुनवाई के बाद सरकार की ओर से पेश हुए वकीलों ने भी अपना पक्ष रखा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच सरकार द्वारा प्रस्तुत किये गये तर्कों से संतुष्टï नजर नहीं आई। अदालत ने कई तरह के सवाल सरकार की ओर से पेश वकीलों से किये। अदालत का कहना था कि जिस तरह आरक्षण दिया गया है उसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का क्या पालन किया गया है या नहीं। सरकार की ओर से हाईकोर्ट बैंच को संतुष्टï को करने की पूरी कोशिश की गई।
कोर्ट ने इस दौरान सरकार से यह सवाल भी पूछा है कि बिना सर्वे कैसे आरक्षण निर्धारित किया गया है। सर्वे के बिना आरक्षण तय करना सम्भव है। कोर्ट ने कहा कि पॉलीटिक्ल और सोशल बैकवर्ड अलग-अलग होना चाहिए। कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा कि ऐसा क्यों नहीं हुआ है, लेकिन सरकार ने फिर भी इस मामले में जल्दबाजी दिखाई है। समाचार लिखे जाने तक बैंच में सुनवाई जारी थी। उम्मीद है कि अदालत आज कोई निर्णायक फैसला दे सकता है।