युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। देश में ओमिक्रोन और कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर चुनाव आयोग के अधिकारियों ने आज स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में पांच राज्यों में आगामी विधान सभा चुनाव को टालने को लेकर किसी भी प्रकार का कोई फैसला नहीं हुआ है। आयोग ने इस बारे में कोई औपचारिक बयान नहीं जारी किया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि आयोग ने चुनावी राज्यों में स्थिति संतोषजनक पाया है।
इस बैठक पर सभी राजनीतिक दलों की नजर टिकी हुई थी। दोपहर करीब एक बजे बैठक खत्म हुई। पांच राज्यों में ओमिक्रोन और कोरोना की स्थिति को जानने के लिए हुई इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अधिकारियों ने राज्यवार विवरण प्रस्तुत किया। चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य सचिव से चुनावी राज्यों की कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वैरिएंट सहित वैक्सीनेशन की पूरी जानकारी ली। बैठक में कहा गया है कि अभी पांच चुनावी राज्यों में कोरोना के टीके की पहली डोज की स्थिति संतोषजनक है और इन राज्यों में 100 में से 70 फीसद लोगों को कोरोना का पहला टीका लग चुका है। इस दौरान बताया गया कि यूपी में 83 प्रतिशत और पंजाब में 77 प्रतिशत लोगों को कोरोना की पहली डोज लग चुकी है। वहीं गोवा और उत्तराखंड में 100 प्रतिशत कोरोना की पहली डोज लग चुकी है। उधर मणिपुर में 70 प्रतिशत लोगों को कोरोना का पहला टीका लग चुका है। बैठक में कहा गया है कि 5 राज्यों में चुनावी रैली पर किसी तरह का फैसला चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद लिया जाएगा।
चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण से कोविड स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कई बड़े अधिकारी भी शामिल हुए। बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग से कोरोना के चलते बिगड़ते हालातों को देखकर विधानसभा चुनाव को फिलहाल टालने की अपील की थी। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ने उत्तर प्रदेश का दौरान कर हालात का जायजा लेने के बाद कोई ठोस निर्णय लेने की बात कही थी। आयोग ने चुनाव से पूर्व की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पंजाब, गोवा और उत्तराखंड का भी दौरा किया है। गोवा, पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर विधान सभाओं का कार्यकाल अगले साल मार्च में समाप्त हो रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश में विधान सभा का कार्यकाल मई में समाप्त होगा।