युग करवट संवाददाता
लखनऊ। प्रयागराज में ऑपरेशन के दौरान दौरान डॉक्टरों पर दुष्कर्म के आरोप मामले से संबंधित युवती की इलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई। 21 मई को ऑपरेशन के बाद से ही वह एसआरएन अस्पताल के आईसीयू में एडमिट थी। अस्पताल का कहना है कि आंतों में संक्रमण के बाद उसे परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था।
मिर्जापुर निवासी युवती के भाई ने आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी कि ऑपरेशन के दौरान उसकी बहन से दुष्कर्म किया गया। उसका दावा है कि यह बात खुद उसकी बहन ने बताई थी। उसे कागज पर लिखकर बताया था कि डॉक्टरों ने उसके साथ गंदा काम किया। भाई व अन्य परिजन इसके बाद से लगातार एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस मामले को लेकर सपा नेता ऋचा सिंह व महिला संगठनों ने पुलिस कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया।

उधर, युवती की मौत के बाद एहतियातन सारण अस्पताल परिसर में फोर्स तैनात कर दी गई है। सीओ कोतवाली सत्येंद्र प्रसाद तिवारी का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
एसआरएन अस्पताल में मरीज से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप मेडिकल बोर्ड की ओर से की गई जांच में सही नहीं पाए गए। जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि मरीज के साथ दुष्कर्म के सबूत नहीं मिले। फिलहाल सीएमओ की ओर से रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है। वहीं, डॉक्टर्स पर लगे आरोप के खिलाफ जूनियर डॉक्टरों ने आज अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। जूनियर डॉक्टरों ने डीएम और एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। डॉक्टरों का कहना है कि युवती जब आई थी तो आंतों में संक्रमण था। वहीं सपा नेता ऋचा सिंह का कहना है कि पुलिस पूरे मामले पर लीपापोती कर रही है।