आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाजियाबाद में रहेंगे। वह कविनगर रामलीला मैदान में प्रबुद्घ वर्ग सम्मेलन को संबोधित करेंगे। लोग इसको नगर निगम चुनाव के प्रचार का आरंभ भी मान रहे हैं। इसलिए कुछ सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब शहरवासियों को मिलना चाहिए। गाजियाबाद नगर निगम का गठन 60 वार्ड से हुई थी। आज विस्तार होते-होते 100 वार्ड तक पहुंच चुके हैं। यह भी हम सभी जानते हैं कि अब तक सभी मेयर भाजपा के ही रहे हैं, सीट चाहे आरक्षित रही हो या सामान्य। मेरा सवाल यह है कि अब कितने वार्ड ऐसे हैं जिनमें सीवर, पीने के पानी या फिर दोनो की लाइन नहीं हैं। चाहे मुख्य मार्ग हों या गलियां कितने मार्ग ऐसे हैं जिन पर स्ट्रीट लाइट नहीं हैं। कितने वार्डों में अभी तक पार्क नहीं बन पाए हैं। कितनी सडक़ें ऐसीं हैं जिनके गड्ढे भरे नहीं गए हैं। नगर निगम कर्मचारियों का वेतन कितने दिन देरी से मिलता है। ठेकेदारों को बकाया भुगतान कितना और कब कब किया जाता है, उनका कितना भुगतान बकाया है। शहर में कितने विकास कार्य अधूरे हैं। गाजियाबाद नगर निगम के किस किस विभाग पर भ्रष्टïाचार के आरोप हैं, उनकी जांच का क्या निष्कर्ष निकला है। सबसे महत्वपूर्ण सवाल कि अवस्थापना निधि का कितना रुपया प्रदेश सरकार पर बकाया है, उसे मुख्यंमत्री योगी आदित्यनाथ कब तक रिलीज करा रहे हैं। क्या आज के कार्यक्रम में मेयर अथवा मंच पर रहने वाला कोई जनप्रतिनिधि, अन्य कोई प्रबुद्घ व्यक्ति इस सवाल को मुख्यमंत्री से पूछेगा। क्योंकि खुद मेयर और भाजपा के पार्षद अवस्थापना निधि को लेकर योगी सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। अवस्थापना निधि पांच सौ रुपए का वह धन है जो नगर निगम का योगी सरकार पर बकाया है, इतना ही जीडीए का भी सरकार पर बकाया है, उसे योगी जी कब दे रहे हैं। क्योंकि अवस्थापना निधि का पैसा नहीं मिलने से जीडीए के भी काम प्रभावित हैं और नगर निगम के भी। मुझे पूरा यकीन है कि आज हो रहे प्रबुद्घ सम्मेलन में मेयर या मुख्यमंत्री इन सवालो का जवाब देना भी चाहेंगे। जबकि सभी जानते हैं कि इन सवालों का सीधा संबंध गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्र में रहने वाली लगभग 25 लाख की आबादी से है।