युग करवट संवाददाता
लखनऊ। गोरखनाथ मंदिर के सुरक्षाकर्मियों पर हमले के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बता दें कि आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी से पुलिस की पूछताछ जारी है। इस दौरान ये जानकारी सामने आई है कि ये पूरा खेल हनी ट्रैप के साथ शुरू हुआ था। मुर्तजा अब्बासी के पास एक में ई-मेल आई थी। ये मेल आईएसआईएस के कैंप से एक लडक़ी के नाम से आई थी। अहमद मुर्तजा अब्बासी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि एक लडक़ी ने अपनी फोटो भेजकर भारत आकर मिलने का वादा किया था। इतना ही नहीं मुर्जता ने मदद के लिए 40,000 रुपये भी भेजे थे। इसके बाद ई-मेल के जरिए ही बातचीत शुरू हो गई। इसके बाद अब्बासी आईएसआईएस में शामिल होने की तैयारी करने लगा था। इसके बाद उसकी आईएसआईएस के लोगों से बातचीत शुरू हो गई। अब्बासी ने पुलिस के बताया कि उसने लडक़ी के बताए बैंक अकाउंट में तीन बार रुपये ट्रांसफर किए थे।
गौरतलब है कि अब आरोपी मुर्तजा अहमद अब्बासी के पिता को यूपी एटीएस ने तलब किया है। उसके पिता मुनीर अहमद अब्बासी को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। अहमद मुर्तजा की बीमारी में पुराने इलाज और लम्बे समय से हो रही संदिग्ध गतिविधियों को लेकर एटीएस ने पिता को अपनी जांच के दायरे में शामिल गया है। हमलावर अहमद मुर्तजा अब्बासी ने पूछताछ में सीएए-एनआरसी का जिक्र करते हुए कहा था कि मेरे दिमाग में बस यही चल रहा था, कोई काम करने के पहले आदमी उसके बारे में सोचता है, मुसलमानों के साथ गलत हो रहा है तो हमने सोचा अब कर ही दो भाई, नेपाल में भी नहीं सो पाए थे।