कार्यालय संवाददाता
गाजियाबाद। (युग करवट) आईएमटी गाजियाबाद द्वारा खिलाड़ी रोजगार परक कौशल संवर्धन प्रमाणी करण नामक नया पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। आईएमटी गाजियाबाद के निर्देशक डॉ. विशाल तलवार ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि कॉलेज के स्पोट्र्स रिसर्च सेंटर के हेड डॉ. कनिष्क पांडेय द्वारा एक पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
उन्होंने इस योजना के बारे में विस्तार से बताया कि अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को तो बड़े पुरस्कार, नाम, प्रतिष्ठा और रोजगार मिल जाता है लेकिन, लाखों राष्ट्रीय और और स्टेट लेवल के खिलाडिय़ों को रोजगार मुहैया नहीं हो पाता। ऐसे ही खिलाडिय़ों को रोजगार प्रदान कराने के लिए इस पाठ्यक्रम को शुरू किया जा रहा है। डॉ. कनिष्क पांडेय ने बताया कि इस पाठ्यक्रम को निजि व सरकारी क्षेत्र में रोजगार की अपेक्षाओं और जरूरतों पर गहन शोध के बाद तैयार किया गया है। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य खिलाडिय़ों में प्रबंधकीय व पेशेवर क्षमताओं का विकास करना है।
उन्होंने बताया कि 5 माह की अवधि वाले इस कोर्स के लिए राष्ट्रीय व स्टेट लेवल के खिलाड़ी पात्र होंगे। इस मौके पर हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के पुत्र अशोक ध्यानचंद ने कहा कि भारत में खेलों में रोजगार के अवसर कम होते हैं।
यही वजह है कि अभिभावक अपने बच्चों को खेलों से दूर रखते हैं, लेकिन आईएमटी का ये प्रयास खिलाडिय़ों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा। वहीं पूर्व ओलिम्पयन और पूर्व हॉकी खिलाड़ी इकबार जफर ने कहा कि ये पाठ्यक्रम भारतीय खेल के इतिहास में गेम चेंजर सिद्घ होगा। सत्यपाल सिंह ने भी आईएमटी गाजियाबाद की इस अनूठी पहल की प्रशंसा की। भारतीय हैंडबॉल टीम के उपकप्तान नवीन पूनिया ने कहा कि कई ऐसे राष्ट्रीय और स्टेट लेवल के खिलाड़ी हैं जो आज अपना जीवन यापन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने भी आईएमटी को इस पाठक्रम के लिए शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा कार्यक्रम में अन्य राष्ट्रीय खिलाडिय़ों ने भी अपने संघर्षों को साझा किया। उन्होंने बताया किरोजगार के अभाव में वे कैसे अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की, कि अब इस नए पाठ्यक्रम से खिलाड़ी बेरोजगारी की समस्या बच सकेंगे।
पूर्व अधिकारी विजय शंकर पांडेय ने बताया कि आईएमटी के इस प्रयास से भविष्य में बेहतर परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने अन्य संस्थानों से भी इस तरह के पाठ्यक्रम शुरू करने का आह्वाह किया। विख्यात शिक्षाविद्, एआईसीटीई के पूर्व चेयरमेन व नेशनल एजूकेशन टेक्नीकल फोरम के अध्यक्ष अनिल सहस्त्रबुद्घे ने भी आईएमटी को इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर सुभाष शर्मा, सतीश शिवलिंगम, विजय शर्मा, मोहिंदर पाल, विजय शंकर पांडेय, प्रो. सपना पोपली, संस्थान फैकल्टी अली असंारी समेत कई पूर्व खिलाड़ी उपस्थित रहे।