प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। अवस्थाना निधि के करीब एक हजार करोड़ रुपये रिलीज नहीं करने के सरकार के फैसले को लेकर अब कानूनी जंग तेज हो गई है। इस मामले में हाईकोर्ट में दायर की गई रिट पर कल सुनवाई होने की संभावना है। अवस्थापना निधि का करीब पांच सौ करोड़ रुपये नगर निगम गाजियाबाद और इतनी ही रकम जीडीए की शासन पर बकाया है। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर और जीडीए के पूर्व वीसी कृष्णा करुणेश कई बार इस पैसे को शासन से रिलीज कराने के लिए यूपी सरकार को पत्र लिख चके हैं। इसके बाद भी यूपी सरकार ने यह पैसा रिलीज नहीं किया है। मामला करीब एक हजार करोड़ रुपये का है। आम आदमी इससे अंदाजा लगा सकता है कि इस पैसे के रिलीज नहीं होने के कारण शहर में विकास कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहे है।
गत दिनों इस मामले में पार्षद हिमांशु मित्तल की ओर से एक रिट हाईकोर्ट में दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने इस रिट को स्वीकार कर लिया है। संभाना है कि कल ही इस रिट पर सुनवाई होने जा रही है। जीडीए और नगर निगम के अफसरों के अलावा जीडीए बोर्ड सदस्यों और नगर निगम पार्षदों की भी नजर इस पर लगी हुई है। सभी की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है। अगर पैसा रिलीज करने के लिए फैसला आता है तो इससे शहर में रूके विकास कार्य फिर से शुरू हो सकेंगे।