लखनऊ। अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर की जमीन को लेकर विवाद बढ़ता देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के डीएम और कमिश्नर से पूरा ब्यौरा मांगा। अधिकारियों ने उन्हें पूरी जानकारी दी और जमीन से जुड़े कागज भी दिखाए।
राम मंदिर के लिए खरीदी गई जमीन की कीमत पर राजनीतिक दल ट्रस्ट पर घोटाला करने का आरोप लगा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अयोध्या के डीएम और कमिश्नर ने जमीन से जुड़े सभी कागज मुख्यमंत्री को दिखाया। बताया जाता है कि योगी आदित्यनाथ जानकारी से संतुष्ट हैं। इस मसले पर श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का कहना है कि वे इस मामले पर आप नेता संजय सिंह और सपा नेता पवन पांडेय के खिलाफ मानहानी का मुकदमा दर्ज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस जमीन की कीमत 1,423 रुपये प्रति स्क्वायर फीट है, जोकि मार्केट रेट की तुलना में काफी कम है। सरकारी टैक्स का दुरुपयोग न हो इससे बचने के लिए हमने नेट बैंकिंग से पैसे का लेनदेन किया। जमीन घोटाले के आरोप गलत हैं।
चंपत राय ने कहा कि आरोप लगाने वालों ने ट्रस्ट से कोई बात नहीं की। उल्लेखनीय है कि अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट की तरफ से खरीदी गई जमीन में घोटाले का आरोप लगा है। यह आरोप आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह और अयोध्या के पूर्व विधायक और समाजवादी पार्टी नेता पवन पांडे ने लगाया है। इनमें कहा गया है कि जमीन का सौदा पहले 2 करोड़ रुपये में तय हुआ लेकिन इसे 18.50 करोड़ रुपये में खरीदा गया।