युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। देश भर में फिर से धीरे-धीरे कोरोना के मामलों में इजाफा हो रहा है। मौत की दर भी बढऩे लगी है। देश के कई राज्यों में हालात फिर से बिगडऩे लगे हैं जिसे देखते हुए यूपी सरकार फिर से अलर्ट मोड में आ गई है। प्रदेश सरकार ने यूपी में प्रवेश करने से पूर्व कोरोना की अनिवार्य जांच कराने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि हाल में ही प्रदेश सरकार ने नाइट कफ्र्यू को भी समाप्त कर दिया है। त्यौहारी सीजन और विशेषज्ञों द्वारा जारी लगातार अलर्ट को देखते हुए प्रदेश सरकार सक्रिय हो गई है। प्रदेश सरकार कार्यक्रमों के आयोजन में कोविड नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दे रही हैं। अन्य राज्यों के मुकाबले अभी यूपी में स्थिति बेहतर है। यूपी में बीते २४ घंटे में ११ कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं जिनमें से एक की मौत हो गई है। यूपी में अभी भी १०२ एक्टिव केस हैं। तो वहीं यूपी के महज ३७ जिलों में ही अब कोरोना के सक्रिय मरीज बचे हैं। बाकी के ३८ जिले कोरोना से मुक्त हो चुके हैं। गाजियाबाद में भी बीते २४ घंटे में एक भी संक्रमण का मामला दर्ज नहीं किया गया है। 4 सक्रिय मरीज हैं जिनमें से तीन का इलाज होम आइसोलेशन और एक का अस्पताल में चल रहा है। जिले में अब तक ५५ हजार ६७२ लोगों को कोरोना संक्रमण हो चुका है जिनमें से से अब तक ४६१ लोगों की मौत हो गई है बाकी के मरीज ठीक हो चुके हैं। जिले में रिकवरी रेट ९९.१६ फीसदी तक है। गाजियाबाद यूपी बॉर्डर का जिला है और दिल्ली सहित अन्य राज्यों के लिए भी यह प्रवेशद्वार माना जाता है। ऐसे में जिले में संक्रमण का खतरा बना रहता है। हालांकि वर्तमान में जिले में कोरोना के बेहद कम मरीज रह गए हैं लेकिन देश के अन्य क्षेत्रों मे बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सीएम योगी ने कड़े निर्देश जारी किए हैं कि अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की अनिवार्य रूप से जांच कराई जाए और बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट पर बाहरी राज्यों से आने वालों की जांच की जाए। इसके अलावा निगरानी समितियों को भी जागरूकता अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए हैं।