युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सांसदों की भी बड़ी भूमिका होगी। प्रत्याशियों के चयन से लेकर प्रचार और पार्टी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी तय करने में सांसदों की राय ली जाएगी।
बुधवार देरशाम दिल्ली के कॉन्सिट्यूशन क्लब में भाजपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष जेपी नडडा के साथ उत्तर प्रदेश के चार क्षेत्रों के सांसदों की बैठक में जो राय उभर कर सामने आई है उसके मुताबिक विधानसभा चुनाव में सांसदों की राय को तरजीह दी जाएगी। यूपी से भाजपा के 68 सांसद है जबकि सहयोगी दल के दो सांसद है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में सांसदों की बड़ी भूमिका तय कर दी है। भाजपा के सांसद न केवल गांव-गांव जाकर यात्रा निकालेंगे, बल्कि इलाके में टीकाकरण भी सुनिश्चित करेंगे।
कन्नौज से भाजपा सांसद और उत्तर प्रदेश के पार्टी महासचिव सुब्रत पाठक ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें कोरोना रोगियों के इलाज में मदद करने के लिए हर गांव में एक पुरुष और महिला प्रशिक्षित स्वास्थ्य सेवा स्वयंसेवक नियुक्त करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में संगठन के आगामी चुनावों और कार्यक्रमों में सभी सांसदों की उनमें क्या भूमिका होगी, इस बारे में चर्चा की गई। टीकाकरण के संबंध में भी चर्चा हुई। हमें टीकाकरण पूरा करने के लिए कहा गया और हमारे सभी लोगों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि निर्वाचन क्षेत्र को दूसरी खुराक मिले।
मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने सांसदों से कहा कि वे जमीनी कार्यकर्ताओं यानी ग्राउंड पर पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करें, ताकि राज्य और केंद्र दोनों सरकारों का काम हर नागरिक तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता 12 महीने से काम कर रही है। हमें केवल चुनावों की चिंता नहीं है, क्योंकि जन सेवा हमारे संगठन का आदर्श वाक्य है। हम चुनाव न होने पर भी सक्रिय रहते हैं। लेकिन अब उत्तर प्रदेश में चुनाव आ रहे हैं, इसलिए स्वाभाविक रूप से बैठक में उनके बारे में चर्चा की गई। अगले छह-सात महीनों तक यानी फरवरी-मार्च में चुनाव होने तक हमारे सांसद भी जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सक्रिय रहेंगे।
एक अन्य सांसद ने कहा कि गुरुवार को बैठक के दूसरे दिन भी इन्हीं बातों पर चर्चा की जाएगी। बता दें कि यूपी बीजेपी सांसदों की बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की और इसमें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया। बैठक में यूपी भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, सुनील बंसल, महासचिव (संगठन) और बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह भी मौजूद थे।
राज्य के ब्रज, पश्चिम और कानपुर क्षेत्र के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में एकजुट होकर 2017 में मिली जीत से भी बड़ी लकीर खींचनी है। सांसदों को संबोधित करते हुए नड्डा ने यूपी विधानसभा चुनाव को बेहद अहम बताया। इस दौरान उन्होंने सांसदों को विपक्ष के दुष्प्रचार से सचेत रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में राज्य में दशकों से जारी माफिया राज को खत्म किया है। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार पर गहरी चोट की है।
नड्डा ने सांसदों को मानसून सत्र के बाद अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में आशीर्वाद यात्रा निकालने का निर्देश दिया। यात्रा के दौरान सांसद खुली जीप में घूमें, टीकाकरण अभियान और कोरोना काल में शुरू की गई योजनाओं की एक-एक गांव में निगरानी करें। यह पता करें कि जरूरतमंदों को योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान के तहत इसी साल सभी लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए स्वास्थ्य स्वयं सेवक तैयार किए गए हैं। बैठक में सांसदों से कहा गया है कि वह अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़ी विधानसभा सीटों पर जीत सुनिश्चित करने का दायित्व लें। बैठक में गाजियाबाद के सांसद जनरल वीके सिंह ने भी राय रखी।