नोएडा (युगकरवट)। दो युवकों ने अपने साथी प्रीतम को अगवा करके उसको नहर में डुबो कर हत्या कर दी तथा गांव में जाकर यह अफवाह फैला दी कि वे नहर किनारे बैठकर शराब पी रहे थे, तभी पुलिस की जीप वहां पर गश्त करती हुई आई। पुलिस को देख मृतक नहर में कूद गया। इस बात से आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार की देररात को पुलिस पर जमकर पथराव किया, जिसमें थानाध्यक्ष सहित चार लोग पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस की कई गाडिय़ां क्षतिग्रस्त हो गई। इस मामले में थाना जारचा में 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बुधवार दोपहर को नहर से मृतक का शव बरामद कर लिया है।
अपर पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) विशाल पांडे ने बताया कि जारचा क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले हर स्वरूप ने थाना जारचा पुलिस से शिकायत की है कि उनके बेटे प्रीतम को छोटू, दीपक आदि अगवा करके ले गए। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर को प्रीतम का शव नहर में मिला है। अपर उपायुक्त ने बताया कि मृतक के परिजनों का आरोप है कि उसको अगवा करने वाले दोनों लोगों ने उसकी हत्या की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
अपर उपायुक्त ने बताया कि जिस समय दीपक व छोटू नहर किनारे बैठकर शराब पी रहे थे, उस समय वहां से पुलिस गश्त करती हुई निकली थी। प्रीतम वहां पर नहीं था। पुलिस दीपक तथा छोटू को पकड़ कर थाने लाई थी, और पूछताछ के बाद छोड़ दिया। घर पहुंच कर दोनों ने ग्रामीणों को बताया कि प्रीतम पुलिस के डर से नहर में कूद गया है। प्रीतम के पुलिस के लार से नहर मे कूदने की सूचना से गुस्साए गांव के लोग नहर पर पहुंचे और मौके पर मौजूद थाना जारचा के थानाध्यक्ष श्री पाल तथा अन्य पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस घटना में एसएचओ की गाड़ी टूट गई, तथा एसएचओ सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। बलवा की सूचना पाकर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
उन्होंने बताया कि इस मामले में थाना जारचा में 100 से ज्यादा ग्रामीणों को खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त है।