गाजियाबाद (युग करवट)। हमेशा माहौल को खुशमिजाज बनाने वाले नवनिर्वाचित सांसद अतुल गर्ग का दर्द अपनों के बीच छलक पड़ा। हालांकि उन्होंने किसी से कोई शिकायत नहीं की लेकिन अपना दर्द भी बयां किया। अतुल गर्ग का स्वागत समारोह समाजसेवी राम अवतार जिन्दल ने अपने निवास पर रखा था। कार्यक्रम बहुत ही व्यक्तिगत था और वैश्य समाज के बहुत अहम लोग ही इस कार्यक्रम में मौजूद थे।
नवनिर्वाचित सांसद समय से कार्यक्रम में पहुंचे। अपने अंदाज के मुताबिक उन्होंने लोगों को हंसाया लेकिन अपनी पीड़ा भी वो रोक नहीं पाये। उनकी पीड़ा किसी हद तक सही भी थी। उनका कहना था कि समाज उनके साथ खड़ा रहा, पूरा सपोर्ट किया लेकिन समाज के कुछ लोग उनके टिकट मिलने से बेवजह नाराज दिखाई दिये। उनका कहना था कि दूसरों दलों से आने वाले उनके समाज के कुछ नेता पूरे चुनाव में अजीब तरह की बातें करते रहें जबकि उनकी ओर से कभी कोई भी ऐसी बात नहीं की गई जिससे उनको पीड़ा हो। लेकिन टिकट मिलने से ये कुछ लोग इतने नाराज हो गये कि टिकट कैसे मिला? कितने में मिला? और ना जाने किस-किस तरह की बातें करने लगे। उनका कहना था कि जनसंघ के जमाने से उनका परिवार भाजपा से जुड़ा हुआ है और हमेशा पार्टी के साथ खड़ा रहा। लेकिन अफसोस तब होता है जब ऐसे लोग जो दूसरी पार्टी में रहे हों वो आकर ऐसी अफवाहें फैलाते हैं जिनका कोई सिर-पैर नहीं होता है। कार्यक्रम में मौजूद वैश्य समाज के जिम्मेदारों से अतुल गर्ग ने सवाल किया। उन्होंने कहा कि एक नाम बताईये कि मेरे अलावा फलां को टिकट मिलना चाहिए था। किसी एक का नाम बता दें। अतुल गर्ग के सवाल के बाद वहां मौजूद लोगों में सन्नाटा छा गया और किसी ने भी किसी का नाम नहीं बताया। कुछ लोगों ने कहा कि नहीं अतुल जी आप ही डिजर्व करते थे। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि मुझसे भी कोई अच्छा हो लेकिन कोई भी नाम नहीं बता पाया। अतुल गर्ग ने कहा कि टिकट मिलने के बाद जिस तरह की अफवाहें फैलाई गई वो कोई बाहर का नहीं था किसी दूसरे समाज का नहीं था अपने समाज के कुछ लोगों को मेरे टिकट मिलने से परेशानी हुई। बहरहाल अतुल गर्ग ने अपनी जिस तरह पीड़ा का अहसास कराया वास्तव में कहीं ना कहीं उनकी पीड़ा में दम था और सभी लोगों ने कहा कि अतुल जी आप जैसे व्यक्ति को ही टिकट मिलना चाहिए था। आज आप हमारे बीच हो जब चाहे आपसे मिल सकते हैं इससे बड़ी बात क्या हो सकती हे। वैश्य समाज के जिम्मेदारों ने यही कहा कि हमें उम्मीद है कि आप लोकसभा क्षेत्र में और काम करेंगे और साथ ही ये भी उम्मीद है कि गाजियाबाद को सरकार में भी प्रतिनिधित्व मिलेगा। इस पर अतुल जी ने कुछ नहीं कहा सिर्फ ये कहा कि जो कुछ पार्टी ने मुझे दिया है वो बहुत है और जीवन भर पार्टी का अहसान मानेंगे और जनता के बीच रहकर जनता की सेवा करेंगे।