जनरल साहब का टिकट होल्ड होने का मामला

भाजपा की पहली सूची में गाजियाबाद सीट को होल्ड करने पर जो नजारे तीसरी आंख ने देखे वो भी अपने आप में बहुत अहम है। केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद वीके सिंह के बेहद खास माने जाने वाले लोग चर्चा करने लगे कि अब जनरल साहब का नंबर नहीं आयेगा। इतना ही नहीं बेहद निकट लोगों ने अपनी दावेदारी भी कर दी। तीसरी आंख ने देखा कि जब सूची आयी और उसमें जनरल साहब का नाम नहीं था तब जो उनका विरोध कर रहे थे उनमें खुशी होना स्वाभाविक है क्योंकि लगातार कई साल से जनरल साहब में और उनमें दूरियां चल रही हैं। लेकिन ऐसे लोग जो बहुत ही निकट होने का दावा करते हैं वो भी कहीं ना कहीं टिकट नहीं मिलने के संकेत से अपनी दावेदारी करने से पीछे नहीं हटे। तीसरी आंख ने देखा कि जिस दिन जनरल साहब का टिकट होल्ड हुआ है उसी दिन एक पूर्व विधायक ने गाजियाबाद लोकसभा सीट से अपनी दावेदारी कर दी। स्थानीय भाजपा संगठन को उन्होंने अपना बायोडाटा दे दिया। ये पूर्व विधायक जनरल साहब के निकट माने जाते हैं। वहीं एक ओर बहुत ही करीबी नेता ने इस बात का खुलासा किया है कि जो पार्टी हाईकमान ने सर्वे कराया है उसमें जनरल साहब का नाम नहीं है और छह लोगों का उसमें नाम है। जिन नेता ने ये बात बताई उन नेता का नाम पहले नंबर पर सर्वे में बताया जा रहा है। दरअसल ये नेताजी बहुत ही खास माने जाते हैं। जाहिर है कि टिकट मांगने का अधिकार सभी को है लेकिन जब किसी अपने की कश्ती भंवर में हो तो फिर उसको और मदद करना चाहिए। ये ना हो कि जो कश्ती चला रहा हो उसी को कमजोर कर दो। तीसरी आंख ने देखा कि टिकट होल्ड होने के बाद किस-किस तरह की चीजें सामने आ रही हैं और उन्हें देखकर यही लगता है कि अब चाहे राजनीति हो या निजी संबंध हो लोग केवल अपना स्वार्थ ही देखते हैं। डूबते हुए को तिनके का सहारा बहुत होता है। ये कहावत भी अब बेकार साबित हो रही है। क्योंकि अगर कोई डूब रहा है तो उसको बचाने के बदले और जोर से धक्का दिया जाने की नई परम्परा शुरू हो गई है। बहरहाल, टाइगर आ गया है और छह तारीख के बाद टाइगर फिर पूरे जोश के साथ चुनावी मैदान में उतरेगा ऐसी उम्मीद यहां की जनता को हैं। गुटबाजी अपनी जगह लेकिन एक अच्छे व्यक्तित्व को गाजियाबाद का प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए ये सभी की चाहत है। भले ही अपने बेगाने हो गये हो लेकिन आखिर में जीत टाइगर की होगी। इस शेर के साथ अपनी बात को खत्म करता हूंं।
तूफान कर रहा था मेरे अज्म का तवाफ
दुनिया समझ रही थी मेरी कश्ती भंवर में है।।
जय हिंद