युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। हमें स्वयं में संभावनाएं तलाशने की आवश्यकता है। अपनी अंतर्निहित शक्तियां हमें स्वयं बाहर निकालनी होंगी। महिलाओं को अपने अंदर की संभावनाओं और शक्तियों को पहचानना जरूरी है। यह कहना है राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी देवी का, जो हिंदी भवन में आयोजित विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं।
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजियाबाद के बैनर तले हिंदी भवन में विधिक साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला जज जितेंद्र सिंह के संरक्षण में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी देवी, अपर जिला जज रीता सिंह ने किया। डीपीएस सिद्घार्थ विहार के छात्रों ने ईश वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महिला कल्याण अधिकारी नेहा वालिया ने कविता प्रस्तुत की। इसके बाद प्राधिकरण के सचिव कमल सिंह ने विधिक जानकारी की महत्ता बताते हुए कहा कि केवल पढ़ा लिखा होना ही पर्याप्त नहीं है, अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी अधिकार जानना भी उतना ही जरूरी है। अपर जिला जज रीता सिंह ने महत्वपूर्ण विधिक कानूनों की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी देवी ने कहा कि महिलाओं को स्वयं को पहचाननेे की जरूरत है। कानून में महिलाओं के लिए काफी अधिकार दिए गए हैं। उनकी जानकारी कर समय पर उनका इस्तेमाल किया जाए। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
शिखा शुक्ला, शिक्षा विभाग से रेनू वर्मा एवं डॉ. रागिनी भारद्वाज ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन पूनम शर्मा ने किया।