पार्षद ने रखा निगम को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव
युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद । शहर के सबसे पॉश इलाके राजनगर का सेंट्रल पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। करीब छह एकड़ में फैले इस पार्क को 2006 में जीडीए बनाया था लेकिन बाद में इसके रखरखाव की ओर ध्यान नहीं देने से यह पार्क अब पूरी तरह बदहाल हो गया है। स्थानीय लोगों ने इस पार्क को पुराने स्वरूप में लौटाने के लिए जीडीए को कई पत्र लिखे लेकिन जीडीए की ओर से इस पार्क को फिर से संवारने की ओर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है।
पॉश राजनगर की सुंदरता को बढ़ाने के लिए इस पार्क को विकसित किया गया था लेकिन आज पार्क की बदहाली राजनगर की सुंदरता को चिढ़ाती नजर आ रही है। पार्क की बदहाली और इससे लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए राजनगर के पार्षद प्रवीण चौधरी ने पिछले दिनों नगर निगम की बोर्ड बैठक में इस पार्क की देखरेख की जिम्मेदारी जीडीए से नगर निगम में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को सभी पार्षदों ने समर्थन किया।
खराब पड़ा है रैनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
राजनगर का सेंट्रल पार्क शहर के उन चुनिंदे पार्कों में है, जहां रैनवाटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगा है लेकिन रखरखाव की कमी के चलते रैनवाटर सिस्टम पूरी तरह खराब हो चुका है। इसकी जाली पूरी तरह टूट चुकी है। साफ-सफाई नहीं होने से सिस्टम काम नहीं कर रहा है। जिस कारण बारिश के पानी का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
शौचालयों में गंदगी की भरमार
पार्क में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं। शौचालयों को देखने से ऐसा लगता है कि सालों से सफाई नहीं हो रही है। पार्षद प्रवीण चौधरी ने कहा कि इस पार्क की देखरेख जीडीए नहीं कर पा रहा है। नगर निगम के पास संसाधन और मैन पावर है। इस पार्क को फिर से सजाने और संवारने का काम सिर्फ नगर निगम ही कर सकता है। इस पार्क में फौव्वारें भी लगाए गए थे लेकिन ध्यान नहीं दिए जाने से सारे फौव्वारें कई वर्षों से बंद पड़े हैं। इस पार्क को 2006 में तैयार किया गया था। अनदेखी के चलते मात्र 15 वर्षों में ही यह पार्क बदहाल स्थिति में पहुंच गया है।
घास और पेड़ पौधों की कटाई छटाई तक नहीं होती है
राजनगर को और अधिक सुंदर और हरियाली बनाने के उद्देश्य से वीवीआईपी इलाके में इस पार्क को बनाया गया था ताकि लोग यहां मॉर्निंग वाक कर सके लेकिन पार्क में अब घास और पौधों की कटाई छंटाई भी नहीं हो रही है। पार्क की घास बढ़ चुकी है। जिस कारण सर्दियों में लोग पार्क में धूप का आनंद भी नहीं पाए। साथ ही, पार्क के चारों ओर के पैदल पथ पर लगी टाइल्स भी उखड़ी पड़ी हैं। पार्षद प्रवीण चौधरी ने बताया कि राजनगर की सुंदरता और लोगों की सुविधा को देखते हुए जीडीए को यह पार्क नगर निगम को स्थानांतरित करना चाहिए। नगर निगम इस पार्क की देखरेख के लिए पूरी तरह तैयार है। नगर निगम के संसाधन और मैनपावर से इस पार्क को फिर से इसके पुराने स्वरूप में लाया जा सकता है।