युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद के अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल डीएम ने मिला, जिसमें उन्होंने सीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर खुद को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में सम्मिलित करने की मांग की है। अधिवक्ताओं ने अपने मांग पत्र में कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना अभियान के तहत आर्थिक रूप से पिछड़े व्यक्तियों को चयनित कर उनकी परिजनों की बीमारी पर प्रतिवर्ष पांच लाख रुपए का खर्च सरकार द्वारा किया जाता है। योजना में चयनित किए जाने वाले व्यक्तियों की संख्या का लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से कोई चिकित्सीय सहायता प्रदत्त नहीं है। प्रैक्ट्रिस शुरू करने के समय अधिवक्ता की आमदनी का कोई साधन नहीं होता। ऐसे में अधिवक्ताओं को चिकित्सीय सुविधा प्रदान की जाए। अधिवक्ताओं ने मांग है कि जिला अस्पताल, जिला संयुक्त अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारियों को निर्देश दिए जाएं कि उनके केन्द्र पर आने वाले बार एसोसिएशन से सम्बंधित कोई अधिवक्ता अपना अथवा अपने ऊपर आश्रित किसी भी सदस्य को दिखाने पहुंचता है और अपना कार्ड दिखाता है, तो उसे वरीयता के आधार पर देखा जाए।
ज्ञापन देने वालों में मानवधिकार कार्यकर्ता विष्णु कुमार गुप्ता, गौतम त्यागी, टीसी, जितेन्द्र कुमार, सुमित, संजय त्यागी, चंद्रशेखर त्यागी, सुनील दत्त त्यागी, देवरंग सिंह, मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे।