मोदी 3.0: यूपी से सात मंत्री बनाए जाने की संभावना
नई दिल्ली (युग करवट)। लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद अब सरकार बनाने की कवायद चल रही है। भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार में मंत्रिमंडल कैसा होगा इसपर सबकी नजरें हैं। खासकर उत्तर प्रदेश से किसे मोदी कैबिनेट में जगह मिलेगी इसके बारे में उत्सुकता कुछ अधिक ही है। उत्तर प्रदेश में खराब प्रदर्शन के बाद भाजपा और उसके सहयोगियों के कोटे से किन लोगों को मोदी कैबिनेट में जगह मिलेगी और किनकी छुट्टी होगी इस पर सभी की नजर है। नई कैबिनेट गठन में ब्राह्मण, दलित, ओबीसी को साधने की भी कोशिश होगी। गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग और नोएडा के महेश शर्मा का नाम भी मंत्री बनने की संभावित सूची में है। अतुल गर्ग वैश्य समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और प्रदेश में तीसरी सबसे बड़ी जीत हासिल की है।
पिछली बार भाजपा ने यूपी से 64 लोकसभा सीटें जीती थीं। इसी वजह से केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देते हुए प्रधानमंत्री समेत 14 मंत्री बनाए गए थे, जबकि इस बार ये आंकड़ा 36 पर ही सिमट गया है। ऐसे में ये तय माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश से मंत्रियों की संख्या कम होगी। मौजूदा हालतों को देखते हुए अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल का तीसरी बार मंत्री बनना तय माना जा रहा है, जबकि रालोद प्रमुख जयंत चौधरी भी यूपी के कोटे और सहयोगी दल के मुखिया होने के नाते केंद्र में मंत्री बनने की दौड में हैं। इसके अलावा ओपी राजभर- संजय निषाद एक भी सीट नहीं जीत सके हैं। इसलिए भाजपा को अपने कोटे से उन्हें मंत्री पद देना पड़ सकता है। वहीं, जातीय समीकरण बनाने के लिए चुनाव हारने वाले मंत्रियों की जगह उनकी ही जाति के नए चेहरों को जगह दी जा सकती है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में महेंद्रनाथ पांडे, अजय मिश्रा टेनी ब्राह्मण चेहरा थे। ऐसे में उनकी जगह कम से कम एक ब्राह्मण मंत्री यूपी से जरूर होगा। संभावना है कि योगी सरकार में मंत्री जितिन प्रसाद को केंद्र में मौका मिल जाए। इसके अलावा राज्यसभा सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा या पूर्व मंत्री महेश शर्मा को भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। वरिष्ठ नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी का नाम भी इस लिस्ट में शामिल बताया जा रहा है। दलित समाज से कम से कम दो मंत्री बनाए जा सकते हैं। आगरा से चुनाव जीते एसपी सिंह बघेल के अनुभव को देखते हुए उनको मोदी कैबिनेट में मौका मिला सकता है, तो वहीं हाथरस से चुनाव जीते अनूप वाल्मीकि को भी जगह मिल सकती है। ओबीसी फैक्टर का ध्यान भी भाजपा को रखना होगा। लिहाजा बुलंदशहर से चुनाव जीते भोला सिंह, महराजगंज से चुनाव जीते पंकज चौधरी और बरेली से चुनाव जीते छत्रपाल गंगवार में से किसी को मंत्री बनाया जा सकता है। पिछली सरकार में महिला मंत्रियों में स्मृति ईरानी, साध्वी निरंजन ज्योति और अपना दल की अनुप्रिया पटेल थीं, लेकिन इस बार सिर्फ दो महिलाएं यूपी से चुनकर संसद पहुंची हैं अनुप्रिया पटेल और हेमा मालिनी। इसलिए अनुप्रिया पटेल का मंत्री बनना तय माना जा रहा है, जबकि युवा चेहरे के तौर पर शाहजहांपुर से चुनाव जीतकर आए अरुण सागर को भी मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है।